असम में बारिश का कहर, भयावह मंजर के साथ मौत का चलता कारवां

असम में बाढ़ से मौत का चलन

गुवाहाटी: असम में लगातार बारिश से हालत ख़राब चल रही है। अब तक २५ जिलों के १४ लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके है। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के चलते लगातार लोगो की जान जा रही है। अब तक बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या नौ तक हो गयी है। बारिश से हुई मौतों पर शोक जताते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने गृहमंत्री अमित शाह को हालात की जानकारी दी है। शाह ने एनडीआरएफ सहित कई एजेंसियों को बाढ़ से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

बारिश के बाद आई बाढ़सोनोवाल ने बताया कि निगरानी और हालात से निपटने के लिए सभी जिलों में 24×7 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। राज्य में 14 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सबसे बुरी स्थिति बारापेटा जिले की है जहां 5.22 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। एनडीआरएफ और एडीआरएफ ने चौबीस घंटे में 848 लोगों को सुरक्षित बचाया है। राज्य सरकार के मुताबिक 2,168 गांव डूब चुके हैं और 51 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसल तबाह हुई है। 21 जिलों में 234 राहत केंद्र बनाए गए हैं।असम, मेघालय सहित पूर्वोत्तर और बिहार में बाढ़ से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बैठक ली। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि एनडीआरएफ सहित अन्य एजेंसियों और अधिकारियों को किसी भी हालात से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ की 73 से ज्यादा टीमें तैनात हैं। इसके  ही यह भी बताया की जरुरत पड़ने पर और भी टीमें तैयार की जाएँगी।

असम के मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कई तरह की सुविधाये बाढ़ पीड़ितों को दी है।जिससे उन्हें इस समय कोई भी संकट न होने पाए। जब तक सरकार बाढ़ पीडितो के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती है। सरकार जगह-जगह र रहत सामग्री ई भेज रही है।

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