राजस्थान : अनाधिकृत सोनोग्राफी करते लैब से पकड़ा गए संचालक, गिरफ्तार

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जयपुर: राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ ने रविवार को अब तक की 126वां डिकाय कार्रवाई करते हुए चाकसू स्थित रजिस्टर्ड विराज एक्स-रे एंड डायग्नोस्टिक सेंटर पर उमाकांत धाकड़ को अनाधिकृत सोनोग्राफी करते गिरफ्तार किया। साथ ही काम में ली गई रजिस्टर्ड सोनोग्राफी मशीन भी जब्त कर ली है।

उल्लेखनीय है कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार रजिस्टर्ड सोनोग्राफी सेंटर पर रजिस्टर्ड सोनोलाजिस्ट या चिकित्सक ही किसी भी मामले में सोनोग्राफी कर सकता है। इसके अतिरिक्त किसी तरह की सोनोग्राफी कानूनन अपराध है।

राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी के अध्यक्ष एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि पिछले कई दिनों से चाकसू में गर्भवती महिलाओं की अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा सोनोग्राफी कर लिंग जांच करने की सूचना मिल रही थी।

सूचना के पुष्टिकरण के बाद डिकाय दल तैयार किया गया। दल ने डिकाय गर्भवती महिला की रेफरल स्लिप तैयार कर विराज एक्स-रे एंड डायग्नोस्टिक सेंटर पर ले गए। वहां सेंटर संचालक उमाकांत धाकड़ ने डिकाय गर्भवती की सोनोग्राफी की। इशारा मिलते ही टीम ने उमाकांत को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत अनाधिकृत सोनोग्राफी के आरोप में गिरफ्तार कर काम में ली गई सोनोग्राफी मशीन जब्त कर ली है।

जैन ने बताया कि विराज एक्स-रे एंड डायग्नोस्टिक सेंटर पर डा. सतीश व्यास को विभाग की ओर से अधिकृत किया गया है। साथ ही उमाकांत न तो अधिकृत है और न ही सोनोग्राफी हेतु कोई योग्यता रखता है। पीसीपीएनडीटी प्रावधानों के अनुसार अनाधिकृत सोनोग्राफी कानूनन अपराध है।

इस डिकाय कार्रवाई में सीआई अर्चना मीणा, कांस्टेबल देवेन्द्र, जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक जयपुर प्रथम बबीता चौधरी, दौसा के मुनेन्द्र शर्मा एवं अमित राठौड़ शामिल थे।

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