किसानों, मजदूरों और गरीबों के लिए शुरू राजीव गांधी किसान न्याय योजना

गांधी ने कहा कि देश वर्तमान समय में कोविड-19 के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में जो कमजोर हैं, उन्हें ज्यादा कठिनाई होती है।

रायपुर : गांधी ने कहा कि देश वर्तमान समय में कोविड-19 के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में जो कमजोर हैं, उन्हें ज्यादा कठिनाई होती है। उन्होने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों, मजदूरों और गरीबों की भलाई के लिए शुरू की गई राजीव गांधी किसान न्याय योजना तथा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल एवं मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की ये तीनों योजनाएं नींव को मजबूत बनाने और उसकी रक्षा करने वाली है।

राज्य स्थापना दिवस के मौके पर गांधी की वर्चुअल उपस्थिति में आज राज्य के 19 लाख किसानों के खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त 1500 करोड़ रूपए अंतरित किए गए। राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत एवं मंत्रियों की विशेष मौजूदगी में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना और मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत राज्य के 30 नगरीय स्लम एरिया में मोबाइल हॉस्पिटल-सह-लैबोरेटरी का शुभारंभ भी हुआ।

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मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य के 21 वें स्थापना दिवस की सभी प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें खुशी हैं कि पिछड़ेपन और असंतुलित विकास को दूर कर छत्तीसगढ़ के आम लोगों की भावना के अनुरूप विकास करने के छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माताओं की सोच के अनुरूप काम करने में हम सफल हुए हैं। हमने पिछले 22 महीनों में ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया हैं जिसके मूल में छत्तीसगढ़ के गरीब, किसान, वनाश्रित, अनुसूचित जाति और पिछड़े लोगों का उत्थान है।

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केन्द्र सरकार के किसान विरोधी

उन्होने कहा कि हमने केन्द्र सरकार के किसान विरोधी कानून से अपने राज्य के किसानों के साथ होने वाले अन्याय को रोकने का पुख्ता उपाय कर दिया हैं। मंडी एक्ट में संशोधन किया है अब हमारे राज्य के किसानों को कोई हानि नहीं होगी। राज्य के अधोसंरचना और औद्योगिक विकास की दिशा में भी हमने महत्वपूर्ण कदम उठाये है। हमने उद्योगों की स्थापना के लिए 25 एम.ओ.यू. किये है और 22 नवीन एम.ओ.यू. प्रस्तावित हैं।इससे राज्य में लगभग 20 हजार करोड़ का पूंजी निवेश होगा और लगभग 36 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

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