गाजीपुर बॉर्डर पहुंचीं राकेश टिकैत की पत्नी और बहनें, जानिए किसान आंदोलन खत्म को लेकर क्या कुछ कहा

गाजीपुर बॉर्डर पहुंचीं राकेश टिकैत की पत्नी ने पति की जीत पर खुशी जताई. साथ ही कहा की किसान भाइयों को उनका हक मिला है

दिल्ली-गाजीपुर. किसानों की जीत को लेकर इस समय दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर जश्न का माहौल है. इस जश्न में किसान नेता राकेश टिकैत की बहनें और पत्नी भी शामिल हुई. इस मौके पर उनका कहना था कि यह किसानों का हक था जो उन्हें मिला है. टिकैत पूरे दिल से किसानों के हितों के लिए लड़े थे और आज उन्हें सफलता मिल गई. किसान आंदोलन की समाप्ति के बाद सभी किसान भाईयों को बधाईयां दे रहे हैं. साथ ही जीत का सेहरा उन तमाम नेताओं पर बंधा है जिन्होंने आगे बढ़कर किसानों की बात को सरकार के सामने रखा. ऐसे ही एक किसान नेता राकेश टिकैत हैं जो आंदोलन के दौरान डटे रहे. ऐसे में राकेश किसानों के बीच सबसे लोकप्रिय व्यक्ति बन चुके हैं. किसान आंदोलन की समाप्ति पर गुरुवार को टिकैत की धर्मपत्नी और बहनें भी उन्हें बधाई देने पहुंची.

 

एक ना एक दिन जरूर होनी थी जीत

अपने पति और किसान भाईयों की जीत से खुश नजर आ रहीं राकेश टिकैत की पत्नी ने बताया कि उन्हें काफी खुशी हो रही है. उनका कहना था कि उनके पति की मेहनत रंग लाई और किसान भाईयों को उनका हक मिला. मुझे यकीन था कि वे एक ना एक दिन जरूर जीतेंगे. खाने पीने की बात को लेकर उनका कहना था कि जीत की बात को सुनकर मैं सभी किसान भाईयों को लिए गुड़ लेकर आई हूं ताकि सभी का मुंह मीठा करवा सकूं.

 

जीतने नहीं हक मांगने आए थे यहां

राकेश टिकैत की बहन ओम गिरी ने बताया कि एक साल के लंबे समय के बीच उन्हें कई बार अपने भाई को लेकर डर भी लगता था लेकिन इस बात को लेकर पूरे भरोसा भी था कि उनके भाई के साथ कुछ कभी गलत नहीं होगा. किसानों की जीत होगी यह उनके भाई की अकेले ही नहीं है यह किसानों के हितों की जीत है. किसान यहां प्रधानमंत्री को हराने नहीं आए थे. अपने हक की लड़ाई लड़ने आए थे और ना ही कोई किसान कभी प्रधानमंत्री को हराना चाहता है.

 

यह भी पढ़ें- नए साल से पहले PM मोदी कानपुरवासियों को दे सकते हैं बड़ा तोहफा

(Puridunia हिन्दी, अंग्रेज़ी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब  पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)…

Related Articles