रामनाथ कोविंद जो तब नहीं कर पाए थे, अब करके दिखाएंगे…

शिमला। एक समय था जब रामनाथ कोविंद को शिमला के मशोबरा रिट्रीट में रुकने नहीं इजाजत नहीं दी गई थी, लेकिन समय ने करवट ली और अब रामनाथ कोविंद मशोबरा रिट्रीट में तीन दिन बिताएंगे। बस अंतर सिर्फ इतना है कि तब वह बिहार के राज्यपाल थे और उन्हें तात्कालिक राष्ट्रपति ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। अब वह खुद राष्ट्रपति हैं और उन्हें किसी के इजाजत की जरूरत नहीं। कोविंद सोमवार को यहां पहुंचेगे।

आपको बता दें कि बीते वर्ष मई में रामनाथ कोविंद अपने परिवार के साथ हिमाचल प्रदेश के गवर्नर आचार्य देवव्रत के मेहमान बनकर शिमला घूमने आए थे। तब उन्होंने मशोबरा रिट्रीट देखने की इच्छा जाहिर की थी लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उनको इसकी इजाजत नहीं दी थी।

मशोभर रिट्रीट जाते वक्त रामनाथ कोविंद सरकारी गाड़ी में थे और उनके परिवारवाले कैब में थे। जब सभी अंदर जाने लगे तो स्टाफ ने उन्हें रोक दिया और कहा कि उनके पास राष्ट्रपति के ऑफिस से इजाजत नहीं है। तब रामनाथ कोविंद बिना कोई तमाशा किए चुपचाप वापस लौट गए थे। तब उनकी इच्छा सिर्फ इच्छा बनकर रह गई थी।

अब इसके एक साल बाद रामनाथ कोविंद वहां राष्ट्रपति की हैसियत से जाएंगे और तीन दिन ठहरेंगे भी। शिमला में राष्ट्रपति कोविंद डॉ.यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे।

मशोबरा रिट्रीट भवन शिमला से 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ऐतिहासिक भवन का निर्माण साल 1850 में हुआ था और राष्ट्रपति ऑफिस ही इसकी देखभाल करता है। ये भवन 10,628 स्कायरमीटर में फैला है। 1859 में ब्रिटिश सरकार ने इसपर कब्जा कर लिया था। हैदराबाद में राष्ट्रपति निलायम के बाद ये दूसरा राष्ट्रपति रिट्रीट है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी का घर यहां से कुछ ही दूरी पर स्थित है।

 

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