राम रहीम से भी खौफनाक दाती महाराज का सच! हकीकत जान खिसक जाएगी पैरों तले जमीन

नई दिल्ली। दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित प्रसिद्ध शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज के खिलाफ उनकी एक महिला शिष्य की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने सोमवार को दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। 25 वर्षीय युवती ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने बाबा के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 377, 354 व 34 में मामला दर्ज किया है। फिलहाल बाबा फरार है।

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पीड़िता ने अपनी बात सबके सामने रखने के लिए एक पत्र लिखा है। पीड़िता ने पत्र में अपनी पूरी आपबीती सुनाई है। आपको पहले बात दे कि युवती पिछले दस सालों से महाराज की अनुयायी थी। लेकिन महाराज और चेलों द्वारा बार-बार बलात्कार किए जाने के बाद वह अपने घर राजस्थान लौट गई। जिसके बाद दाती महाराज के खिलाफ एफआई दर्ज कर ली गई। पीड़िता ने अपनी बात सबके सामने रखने के लिए एक पत्र लिखा है।

पीड़िता ने पत्र में लिखा, दाती मदनलाल राजस्थानी ने अपनी सहयोगी श्रद्धा उर्फ नीतू, अशोक,अर्जून, और नीमा जोशी के साथ मिलकर 9 जनवरी 2016 को दिल्ली स्थित आश्रम श्री शनि तीर्थ असोला फतेहपुर बेरी महरौली में मेरे साथ रेप किया। सिर्फ रेप ही नहीं मेरे साथ जानवरों की तरह सलूक किया जाता था। मेरे शारीर को हर तरह से नोचा गया। मुझे चरण सेवा के नाम पर जबरन पेशाब पिलाया जाता था।

पीड़िता ने बताया कि चरण सेवा के नाम पर इन दोनों घटनाओं में शरीर के हर हिस्से को जानवरों की तरह नोचा गया और श्रद्धा हमेशा मुझे कहती रही कि इससे मोक्ष प्राप्त होगा, ये भी सेवा ही है। वो मुझे दाती मदनलाल राजस्थानी के साथ ये सब करने के लिए मजबूर करती थी।

पीड़िता ने पत्र में लिखा कि ये घटना मेरे सात लगातार 3 दिन तक हुई। ये सब होने के बाद दाती मदनलाल ने मुझसे कहा, तुम्हारी सेवा पूरी हुई।

पत्र में लिखा है, ये तीन रातें मेरी जिंदगी की सबसे भयानक रातें थी। घुट-घुट कर जीने से अच्छा एक बार लड़कर मरूं, ताकी इस भयानक गंदे राक्षस की सच्चाई सबके सामने ला सकूं। अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो न जाने कितनी लड़कियां मेरी तरह बेबस लाचार बनकर रह जाएंगी। सेवा के नाम पर ऐसा किया गया। दाती मदनलाल राजस्थानी तंत्र-मंत्र की विधाओं में निपुण हैं और हमेशा अपना काम ऐसे ही करते हैं।

पीड़िता ने आगे लिखा कि मुझे नहीं पता इस शिकायत के बाद मेरा क्या होगा। शायद मैं आप लोगों के बीच न रहूं, लेकिन मेरी शिकायत आप सभी के बीच रहेगी। सिर्फ इस उम्मीद के सहारे शिकायत पत्र लिख रही हुं, शायद मुझे न्याय मिले और जिंदगियां बर्बाद होने से बच सकें।

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