‘ज्यादा खाने से महंगी हो रही है दाल’

BL05_POL_PASWAN_2427844fकानपुर। एक कार्यक्रम के सिलसिले में कानपुर पहुंचे रामविलास पासवान ने राष्ट्रीय चीनी संस्थान में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए दालों की बढ़ती कीमतों के लिए देशवासियों को जिम्मेदार ठहरा दिया। पासवान ने कहा कि भारतीयों के ज्यादा दाल खाने से ही इसका संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष देश में 9 लाख मीट्रिक टन दाल की मांग बढ़ रही है। विदेशों में कम पैदावार होने की वजह से ज्यादा दाल आयात की नहीं जा सकती, ऐसे में फिलहाल दाल का संकट कम होने की संभावना नहीं है।

पैदावार कम, खपत ज्यादा

पासवान ने कहा कि देश में 226 लाख मीट्रिक टन दाल की आवश्कता है जबकि पैदावार 170 लाख मीट्रिक टन है। मांग और आपूर्ति में काफी अंतर आ गया है, इसलिए कीमतें बढ़ गई हैं। दाल कैश क्रॉप भी नहीं है। कमी को कम करने के लिए इसका ज्यादा आयात भी नहीं हो पा रहा है। विदेशी दाल कम खाते हैं इसीलिए बाहर पैदावार भी कम है। ज्यादा दाल आयात नहीं हो सकती है। अगर दाल के दाम कम कराने हैं तो पैदावार भी बढ़ानी होगी। इसके अलावा अन्य चीजों पर महंगाई की बात को उन्होंने सिरे से नकार दिया।

बिहार की सरकार पर बोला हमला

पासवान ने 2 महीने पुरानी जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस की गठबंधन सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, लालू व नीतीश नीम व करेले की तरह हैं, ‘हमने किसी भी तरह का विरोध करने से पहले बिहार की नई सरकार का 6 महीने का कामकाज देखने का फैसला किया था, लेकिन इस सरकार के शासन में तो केवल 2 महीने के अंदर ही ‘जंगलराज’ लौट गया है’।

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पठानकोट हमले का दिया मुंहतोड़ जवाब

पासवान ने पठानकोट हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही। हालांकि उन्होंने भारत और पाकिस्तान में बातचीत की भी वकालत की। बोले, कुछ ताकतें नहीं चाहतीं कि भारत और पाकिस्तान में बातचीत हो। हथियारों की होड़ बंद होनी चाहिए। यूरोप में कई देशों को मिलाकर एक महासंघ बन गया है। उसी तरह एक संघ बनना चाहिए। इसमें कम से कम भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश तो जरूरी हो। कांग्रेस को राष्ट्र विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि उसी की वजह से जीएसटी बिल पास नहीं हो पा रहा है।

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