विश्व जल दिवस पर रमन सिंह ने लोगों से की पानी बचाने और साफ़ रखने की अपील

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गुरुवार को कहा कि तालाबों-नदियों की सुरक्षा हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी है साथ ही उन्होंने मानव जीवन और प्राणी जगत की सुरक्षा के लिए पानी बचाने की अपील की।

विश्व जल दिवस पर जनता से अपील में उन्होंने कहा कि पानी बचाना और नदियों, तालाबों, झीलों और झरनों के साथ-साथ हर जल स्त्रोत स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में गंभीरता से हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य में वर्षा जल संचय (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) और वाटरशेड कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

रमन सिंह ने कहा कि मनरेगा शुरू होने के विगत 12 वर्षो में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए 21 हजार से ज्यादा नए तालाबों का निर्माण और 56 हजार 397 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया। करीब साढ़े तीन हजार चेक डेम, 81 एनीकट, 2637 स्टाप डेम निर्माण और जीर्णोद्धार सहित हजारों की संख्या में सिंचाई नालियों के निर्माण और नहर लाईनिंग का कार्य करवाया गया।

रमन सिंह ने कहा कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार के प्रयास निरंतर जारी हैं। वर्ष 2003 में राज्य में जहां एक लाख 36 हजार हैंडपंप थे, वहीं इनकी संख्या विगत लगभग चौदह वर्ष में बढ़कर दो लाख 68 हजार तक पहुंच गई। इसके अलावा राज्य में विगत 14 वर्ष में ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजनाओं की संख्या 978 से बढ़कर 3,148 हो गई है।

ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजनाओं में तीन लाख 75 हजार से ज्यादा घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं। राज्य शासन पेयजल की गुणवत्ता पर भी विशेष रूप से ध्यान दे रहा है। जल परीक्षण के लिए 27 जिला स्तरीय प्रयोगशालाएं और 24 उपखण्ड स्तरीय प्रयोगशालाएं संचालित हैं। इसके साथ ही 18 मोबाइल प्रयोगशालाओं की भी स्थापना की गई है।

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