रामनाथ कोविंद ने डाक्टरेट उपाधि लेने से किया इंकार, कहा- मैं इसके योग्य नहीं

सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित डॉ.यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी विश्वविद्यालय नौडी में हो रहे दीक्षांत  समारोह में उपस्थित लोग उस वक्त चकित रह गए, जब मुख्य अथिति के रूप में शिरकत करने वाले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डाक्टरेट ऑफ साइंस की उपाधि के लिए खुद को अयोग्य बताया और यह उपाधि लेने से साफ़ इंकार कर दिया।

रामनाथ कोविंद

मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डाक्टरेट ऑफ साइंस कि उपाधि लेने से इनकार कर दिया है। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआती पंक्तियों में ही मानद उपाधि ना लेने का ज़िक्र कर दिया था।

उन्होंने अपने संबोधन में ये स्पष्ट रूप से कहा कि वह विश्वविद्यालय की भावनाओं की कद्र करते हैं लेकिन अभी खुद को इस उच्च उपाधि के योग्य नहीं मानते हैं। राष्ट्रपति ने बताया कि कुल 148 विश्वविद्यालय में उनका आना जाना है और आगे जाने वाले सभी विश्वविद्यालयों में वो नौडी के अनुभवों को साझा करेंगे।

सुबह 11:15 बजे विश्वविद्यालय ने इस दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति को ये उपाधि देने के तमाम इंतज़ाम किए थे, प्रेस रिलीज़ में भी राष्ट्रपति को इस उपाधि से सम्मानित करने का ज़िक्र था।

महामहिम रामनाथ कोविंद ने बताया कि समारोह में सम्मिलित होने की बड़ी वजह उनकी उत्सुकता थी जिसके चलते उन्होंने ये प्रस्ताव बहुत सहज तरीके से स्वीकार कर लिया। नौडी विश्वविद्यालय उद्दयानिकी उद्यानिकी और वानिकी विभाग से जुड़ा हुआ है, जिसमें राष्ट्रपति को खास दिलचस्पी है।

समारोह के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए रामनाथ कोविंद ने देश की हर बेटी को सराहा। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र से लेकर खेलकूद के मैदान तक बेटियां अपना हुनर प्रदर्शित कर रही हैं।  युद्धक विमान को उड़ने वाली वाली महिलाओं के दमदार प्रदर्शन की बातचीत करते हुए महामहिम ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की मुहीम सार्थक होते हुए बताया। दरअसल, इस समारोह में प्रतिभाशाली छात्रों की फेहरिस्त में 9 में से 5 छात्राएं थी।

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