‘जातीय समीकरण के चलते रामनाथ कोविंद को बनाया गया राष्ट्रपति’ -अशोक गहलोत

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लोकसभा चुनाव 2019 के इस चुनावी मौहोल में अब तक राजनीतिक पार्टियों के नेता एक दूसरे के खिलाफ बयान-बाजी कर रहे थे. अब ये नेता राष्ट्रपति के खिलाफ भी बयान बाजी करने पर आगये है. ऐसा ही कुछ राष्ट्रपति के बारे में राजस्थान से एक बयान आया है. जहां एक रैली के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोतने प्रेसिडेंट के बारे में विवादित बयान दिया है. गहलोत ने कहा कि जातीय समीकरण की कारण लाल कृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति ना बनाकर रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया गया.

सीएम अशोक गहलोत अपने बयान को लेकर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि बीजेपी गुजरात चुनाव में फायदा उठाने के लिए रामनाथ कोविंद को प्रेसिडेंट बनाया ताकि कोली समुदाय को अपने पाले में लाया जा सके. उन्‍होंने कहा कि ‘क्‍योंकि गुजरात के चुनाव आ रहे थे. वे घबरा चुके थे कि हमारी सरकार गुजरात में नहीं बनने जा रही है…मेरा ऐसा मानना है कि रामनाथ कोविंदजी को जातीय समीकरण बैठाने के लिए राष्‍ट्रपति और आडवाणी साहब छूट गए

सीएम अशोक गहलोत के इस बयान का भारतीय जनता पार्टी ने कड़े शब्दों में निंदा की है. बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि राष्ट्रपति किसी एक विशेष दल के नेता नहीं है. इसलिए उनके खिलाफ बयान देना संविधान के खिलाफ है. आपको बता दें कि अब तक विवावित बयान देने को लेकर सीएम योगी, मायावती, आजम खान, मेनका गांधी, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे कई नेताओं को इस लिस्ट में नाम था जो अब एक और नाम राजस्थान के सीएम अशोक गल्होत का भी नाम जुड़ गया है. ऐसे में देखने वाली बात होगी चुनाव आयोग जैसे अन्य नेताओं के चुनाव प्रचार पर रोक लगाकर कार्रवाई की है. क्या गहलोत  के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी या नहीं ये देखने वाली बात होगी

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