दाती महाराज के साथ-साथ अब दिल्ली पुलिस भी सवालों के घेरे में, रेप पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली: दुष्कर्म मामले में फंसे शानिशाम के संस्थापक दाती महाराज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस मामले में जहां अभी तक दाती महाराज पर ही आरोप लग रहे थे। वहीं अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठने लगी है। दरअसल, दाती महाराज पर रेप का आरोप लगाने वाली दुष्कर्म पीड़िता ने बीते गुरूवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए दाती महाराज का मेडिकल टेस्ट करवाने की मांग की है। इसके अलावा उसने मामले की जांच कर रही पुलिस पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, रेप पीड़िता का कहना है कि अभी तक आरोपी दाती महाराज बाहर घूम रहा है। जबकि पुलिस पूछताछ की आड़ में उसका समर्थन कर रही है। पीड़िता ने ये भी आरोप लगाए हैं कि पुलिस आश्रम से भाग रहीं लड़कियों के बारे में अब तक पता क्यों नहीं लगा पा रही है? उसने कहा कि पुलिस को भेदभाव नहीं रखना चाहिए।

पीड़िता ने कहा कि ईमानदारी से अपना काम करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। दाती महाराज जैसे साधु संत समाज के लिए एक जहर हैं। इतना ही नहीं, दुष्कर्म पीड़िता ने ये भी कहा है कि दाती महाराज रात्रि सेवा की आड़ में लड़कियों को अपने कमरे में क्यों अकेले बुलाता है?

अपने भक्तों के समक्ष बेटी बचाओ का नारा देने वाला दाती महाराज एक ढ़ोंगी है। दाती ने मुझे महात्मा बनाया और उसने दाती को भगवान का दर्जा दिया। लेकिन दाती ने उसे शारीरिक संबंध बनाने के बाद उसे छोड़ दिया।

वहीं खुद को आरोपों के घेरे में आता देख दिल्ली पुलिस का भी बयान सामने आया है। दिली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस फिर से रेप पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए बुलाएगी। पुलिस अपने स्तर पर हर पहलु पर जांच कर रही है। पीड़िता को पुलिस पर विश्वास करना होगा।

आयोग ने पाया कि अब तक आरोपी दाती महाराज को गिरफ्तार नहीं किया गया है। साथ ही एक समय सीमा दिए जाने के बावजूद आयोग द्वारा मांगी गई जानकारी प्रदान करने में क्राइम ब्रांच कार्यालय असफल रहा है। इस कारण से ही अपराध शाखा को समन जारी किया गया है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में अपराध शाखा को नोटिस देकर पूछा गया था कि वह इस बात की जानकारी दें कि अब तक आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का पालन करने में असफल रहने व अनुपस्थित रहने पर कानून के अनुसार परिणाम भुगतने होंगे।

 

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