पुरी में दूसरी बार श्रद्धालुओं के बिना निकलेगी रथ यात्रा, पूरे शहर में Curfew लागू

प्रभु जगन्नाथ (Lord Jagannath) की रथ यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। कोरोना महामारी के कारण ये लगातार ये दूसरी बार बिना श्रद्धालुओं की उपस्थिति के भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी।

नई दिल्ली: प्रभु जगन्नाथ (Lord Jagannath) की रथ यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। कोरोना महामारी के कारण ये लगातार ये दूसरी बार बिना श्रद्धालुओं की उपस्थिति के भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी। उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा का रथ भी निकाला जाता है। हिंदू धर्म में जगन्नाथ धाम की बहुत महिमा बताई गई है।

आपको बता दें, इसके साथ ही जिला प्रशासन ने रविवार रात आठ बजे से दो दिन के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया। पवित्र रथों को सोमवार अपराह्न तीन बजे रवाना किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। हर साल देश-विदेश से लाखों लोग इस यात्रा में भाग लेने आते थे। लेकिन इस साल कोरोना वायरस (Corona virus) के चलते धारा-144 लाग कर दी गई है। बता दें, प्रशासन ने श्री जगन्नाथ मंदिर से श्री गुंडिचा मंदिर के बीच तीन किलोमीटर लंबे ग्रांड रोड पर प्रतिबंध लागू किया है जहां चिकित्सा आपातकाल के अलावा अन्य सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी।

इस मंदिर को कहते है भगवान जगन्नाथ की मौसी

इस वर्ष धामिक परियोजना के सहज संचालन के लिए 65 दस्तों की तैनाती की गई है। प्रत्येक दस्ते में 30 जवान शामिल हैं। श्री गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर माना जाता है। मान्‍यता है कि भगवान के गुण्‍डीचा मंदिर में रहने के दौरान सारे तीर्थ यहां आकर उपस्थित होते हैं। जहां भगवान 7 दिनों तक विश्राम करते हैं। इसके बाद भगवान जगन्नाथ की वापसी की यात्रा शुरु होती है। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पूरे भारत में एक त्योहार की तरह मनाया जाता है।

प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा
प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा

इस दिन को उड़ीसा में काफी धुम धाम से मनाया जाता है। वहा के स्कूल, कॉलेज, बेंक सभी में आज के दिन छुट्टीयां मनाई जाती है। बता दें, जगन्नाथ रथ यात्रा सोमवार यानी आज से प्रारंभ हो रही है जिसका समापन 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी के दिन होगा। हालांकि पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना गाइडलाइंस के चलते लाखों की संख्या में श्रद्धालु रथ यात्रा में भाग नहीं ले सकेंगे।

10 दिनों का यह महा यात्रा

हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को ही भव्य उत्साह के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा निकाले जाने का विधान है। इस वर्ष 2021 में यह पावन यात्रा 12 जुलाई, सोमवार से आरंभ होगी और इसका समापन 20 जुलाई, मंगलवार को देवशयनी एकादशी के पर्व के साथ ही पूरे विधि-विधान अनुसार किया जाएगा।

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हालांकि इस दौरान भगवान की यात्रा के लिए रथ बनाने के कार्य का आरंभ अक्षय तृतीया यानी 15 मई 2021 से ही चल रहा है। भगवान जगन्नाथ की ये यात्रा लगभग दस दिनों तक चलती है, जिसमें प्रथम दिन भगवान जगन्नाथ को गुंडिचा माता के मंदिर लेकर जाया जाता है।

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