रावण ने मरते वक्त लक्ष्मण को बताई थी ये बातें, जानिए रावण के जीवन से जुड़े कुछ तथ्य

लखनऊ: आप को पता होगा कि रावण (Ravana) लंका का राजा था, वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था, जिसके कारण उसका नाम दशानन था। परंतु आदिवासी सभ्यता के अनुसार दशानन मतलब राजा, किसी भी कृति के लिये नायक के साथ ही सशक्त खलनायक का होना अति आवश्यक है। माना जाता है कि रावण (Ravana) में अनेक गुण थे। रावण को नीति, राजनीति और शक्ति का पंडित माना जाता था और यह भी कहा जाता है कि भगवान श्रीराम भी उनकी इस विद्या का सम्मान करते थे। इसलिए जब रावण अपनी अंतिम सांस गिन रहा था तब भगवान श्री राम (Sri ram) ने लक्ष्मण को रावण के पास जाने और उससे शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहा था। तब लक्ष्मण वहां गए और रावण ने उनको ज्ञान दिया। तो आईये जानते है कि रावण ने लक्ष्मण को ऐसी कौन सी बातें बताई थी।

आखिर मरते वक्त Ravana ने लक्ष्मण को क्या बताया?

  • पहली बात जो रावण ने लक्ष्मण को बताई वह ये थी कि शुभ कार्य जितनी जल्दी हो कर डालना चाहिए और अशुभ को जितना टाल सकते हो टाल देना चाहिए। यानी शुभस्य शीघ्रम्। मैंने भगवान श्रीराम (Sri ram) को पहचान नहीं सका और उनकी शरण में आने में देरी कर दी, इसी कारण मेरी यह हालत हुई।
  • दूसरी बात रावण ने यह कही कि अपने प्रतिद्वंद्वी, अपने शत्रु को कभी अपने से छोटा नहीं समझना चाहिए, मैं यह भी भूल गया। मैंने जिन्हें साधारण वानर और भालू समझा उन्होंने मेरी पूरी सेना को नष्ट कर दिया। मैंने जब ब्रह्माजी से अमरता का वरदान मांगा था तब मनुष्य और वानर के अतिरिक्त कोई मेरा वध न कर सके ऐसा कहा था क्योंकि मैं मनुष्य और वानर को तुच्छ समझता था। यहाँ मेरी गलती हुई।
  • रावण ने लक्ष्मण को तीसरी और आखरी बात ये बताई कि अपने जीवन का कोई राज हो तो उसे किसी को भी नहीं बताना चाहिए। यहां भी मैं चूक गया क्योंकि विभीषण मेरी मृत्यु का राज जानता था। ये मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती थी।

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