आरबीआई ने 21 महीने बाद जारी की नोटबंदी की रिपोर्ट, आये चौकाने वाले आकड़ें

नई दिल्ली : नोटबंदी के 21 महीने बाद आरबीआई ने वापस आए पुराने 1000 और 500 रुपये के नोटों की रिपोर्ट दी है। आरबीआई ने बताया है कि नोटबंदी के समय चल रहे कुल 15 लाख 31 हजार करोड़ रुपये के पुराने नोट हमारे पास लौट आये हैं।

8 नवंबर 2016 को कुल 15 लाख 41 हजार करोड़ रुपये प्रचालन में थे। आरबीआई ने बुधवार को जारी रिपोर्ट में इस बात को बताया है। उल्लेखनीय है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करके नया 500 और 2000 रुपये के नोट जारी किये थे।

आरबीआई ने बताया कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में वापस आए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट की गिनती के इनकी रद्दी से ईंटें बनाई जाएंगी। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया के द्वारा उनका निपटान किया जाएगा।

एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने बताया है कि पुराने नोट को देश भर के आरबीआई कार्यालयों में लगे बेकार नोट को नष्ट करने और उनकी ईंट बनाने वाले सिस्टम के जरिये इन्हें फाड़ कर ईंटें बनाने की प्रक्रिया चल रही है।

आरबीआई ऐसे प्रसंस्कृत नोट को रीसाइकिल नहीं करता है। इससे पहले करेंसी सत्यापन मशीन से इनके असली होने की जांच की गई। पुरानी करेंसी की जांच के लिए आरबीआई की विभिन्न शाखाओं में कम से कम 59 मशीनों को लगाया गया है। बताया जाता है कि रद्दी नोट से बनी ईटों का इस्तेमाल आग सुलगाने के लिए किया जाता है।

आरबीआई ने अपनी 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा था कि नोटबंदी के बाद 1000 रुपए के 8.9 करोड़ नोट वापस नहीं आए। इस दौरान कुल 99 फीसदी नोट वापस आ गये थे।

ये भी पढ़ें…..राष्ट्रीय खेल दिवस पर पीएम मोदी ने हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी ध्यान चंद को अर्पित की श्रद्धांजलि

इससे साफ होता है कि नोटबंदी के बाद लगभग सारा पैसा बैंकों में वापस आ गया। वहीँ ये भी बताया कि नए नोटों को छापने में अब तक 7,965
करोड़ रूपये खर्च हो चुके हैं।

Related Articles