RBI Monetary Policy 2021: RBI गवर्नर का ऐलान, ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई की वजह से रिजर्व बैंक के MPC ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के Result आज सामने आ गए हैं। शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट (Repo rate) बिना किसी बदलाव के साथ 4% रहेगा।

ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के फैसले को लेकर गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई की वजह से रिजर्व बैंक के MPC ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है।

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि MSF रेट और बैंक रेट (Bank rate) बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 प्रतिशत रहेगा। रिवर्स रेपो रेट (Reverse repo rate) भी बिना किसी बदलाव के साथ 3.35 प्रतिशत रहेगा। उन्होंने कहा कि 2021-22 में वास्तविक जीडीपी (GDP) वृद्धि दर का अनुमान 9.5% है। यह पहली तिमाही में 18.5%, दूसरी तिमाही में 7.9%, तीसरी तिमाही में 7.2% और चौथी तिमाही में 6.6% रहेगी। इसके साथ ही सीपीआई (CPI) मुद्रास्फीति 2021-22 में 5.1% रहने का अनुमान है।

गवर्नर शक्तिकांत दास ने बोली ग्लोबल ट्रेड (Global trade) में सुधार से एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी होगी और कोरोना Vaccination से अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी।

रेपो क्या है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को बढ़ाने या घटाने के लिए रेपो और रिवर्स रेपो का उपयोग करता है। जिस दर पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को उधार देता है उसे रेपो दर कहा जाता है। मुद्रास्फीति के मामले में आरबीआई रेपो दर में वृद्धि कर सकता है, इस प्रकार बैंकों को उधार लेने के लिए discouraged करता है और अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को कम करता है।

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