ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से पहले पढ़ें पूरी खबर, जारी होने वाले है कड़े नियम

नई दिल्‍ली: केंद्र सरकार ने देश में बढ़ते सड़क हादसे को ध्यान में रखते हुए रोड सेफ्टी को लेकर जागरूक करने के लिए नए नियम ला रही है। ड्राइविंग लाइसेंस (Driving license) बनवाने की प्रक्रिया में अब सरकार बड़ा बदलाव कर रही है। नए नियम लागू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस (Driving license) जारी करने से पहले आवेदन करने वालो को वीडियो ट्यूटोरियल दिखाया जाएगा। ये नए नियम नवंंबर 2021 से लागू होने इसके बाद अगर आपने गलती से भी ट्रैफिक नियम तोड़ दिया तो आपको तीन महीने का सेफ्टी सर्टिफिकेट कोर्स पास करना पड़ेगा। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में सड़क हादसों में लगभग 44,666 दोपहिया चालकों की मौत हुई थी और इसमें 80 फीसदी चालकों ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था।

डीएल में होगा बड़ा बदलाव

केंद्र सरकार इन ही हादसों को ध्यान में रखते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में बदलाव कर रही है। ड्राइविंग लाइसेंस अप्‍लाई करने वाले को पहले वीडियो ट्यूटोरियल दिखाया जाएगा फिर ड्राइविंग टेस्ट होने के एक महीने पहले दिखाए जाने वाले इस वीडियो ट्यूटोरियल में सेफ ड्राइविंग से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। सिर्फ इतना ही नहीं जिन लोगो की हादसे में मौत हो गई है उनके परिवार के लोगो से आवेदन करने वाले की बातचीत कराएगी। ये ऐसा इसलिए कराया जाएगा जिससे की सड़क पर अपनी और दूसरों की जिंदगी की अहमियत का अहसास कराया जा सके।

ये भी पढ़ें : पूर्व सांसद अनु टंडन ने तीन साल पहले रोकी थी ट्रेन, अब कोर्ट ने सुनाई बड़ी सजा

ट्रेफिक नियम तोड़ने वालो को करना पड़ेगा ये कोर्स

ट्रेफिक नियमों के मुताबिक, आपके पास अगर पहले से ड्राइविंग लाइसेंस है और अपने ट्रेफिक नियमो का पालन नहीं किया तो आपको सर्टिफिकेट कोर्स पास करना पड़ेगा। इस कोर्स को पूरा करने में तीन महीने का समय मिलेगा। इस कोर्स को पूरा करने वालो का डीएल उनके आधार कार्ड से जोड़ा जायेगा। जिससे की उनकी ड्राइविंग को ट्रैक किया जा सके। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय अब सेफ ड्राइविंग को लेकर सख्त होने वाला है। अब कोई भी बिना हेलमेट और पुलिस से सांठ-गांठ करके टोल क्रॉस करने वालों को चिह्नित करने के लिए मंत्रालय एक सिस्टम शुरू करने वाला जिसके बाद सीधा उनका फुटेज जारी करके उनका चालान काटा जाएगा।

ये भी पढ़ें : स्कोडा Kushaq लॉन्च, जानिए क्यों है यह भारत के लिए खास

 

Related Articles