नौकरी की तलाश करने से पहले पढ़ें खबर, कैसे लड़कियां टेलीकॉलर से बन गई कॉलगर्ल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से नौकरी के तलाश में लखनऊ आने वाली कई लड़कियां सेक्स रैकेट के दलदल में फंस गई। इस बात का खुलासा मंगलवार को आलमबाग पुलिस ने पॉश इलाकों में स्पा पार्लर की आड़ में जगह-जगह किराये का मकान लेकर सेक्स रैकेट संचालिका को पकड़ने के बाद किया। पुलिस ने छापेमारी कर मौके से संंचालिका समेत सात युवतियों और दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन मिले हैं और इसमें कई नम्बर दर्ज हैं।

इंस्पेक्टर अरमनाथ विश्वकर्मा के मुताबिक मधुबन नगर के एक मकान में गलत कार्य होने की सूचना मिली थी। स्थानीय लोगों ने जानकारी जुटाई। इसके आधार पर मंगलवार को मधुबन नगर स्थित मकान में छापा मार गया। इंस्पेक्टर के अनुसार प्रयागराज कछौना निवासी हर्षित पाण्डेय और उन्नाव शिवनगर निवासी मुकेश पाल को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही संचालिका व छह युवतियां पकड़ी गईं हैं।

मोबाइल की मदद से चलाती थी सेक्स रैकेट

पूछताछ में संचालिका ने बताया कि वह मोबाइल की मदद से सेक्स रैकेट चलाती थी। उसके मुताबिक पुलिस से बचने के लिए वह लोग हर दो महीने में ठिकाना बदल देते थे। इसकी जानकारी ग्राहकों को फोन के जरिए ही दी जाती थी। पूछताछ में यह भी पता चला कि संचालिका लंबे वक्त से इस काम से जुड़ी है।

सहेली ने सेक्स रैकेट का रास्ता दिखाया

घर के हालात सही नहीं थे। सहेली से लखनऊ में टेलीकॉलर की नौकरी दिलाने के लिए कहा था। यहां आने के बाद भी नौकरी से खुद का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। दिक्कत से निजात पाने के लिए सहेली ने सेक्स रैकेट का रास्ता दिखाया था। इस कारण वह दलदल में फंसती चली गई। यह कहानी प्रयागराज की रहने वाली लड़की ने महिला सिपाहियों के सामने बयां की है।

अन्य लड़कियां भी फंसी

उसकी ही तरह कई अन्य लड़कियां भी नौकरी के लिए घर छोड़ कर लखनऊ आईं थीं। इसके बाद वह लोग सेक्स रैकेट से जुड़ गईं। इंस्पेक्टर के मुताबिक संचालिका के पास से मोबाइल के साथ ही एक रजिस्टर भी मिला है। इसमें ग्राहकों के नाम और मोबाइल नम्बर लिखे हुए हैं।

 

 

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