इन तीन गलतियों से हुआ #BSFPlaneCrash

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नई दिल्‍ली। दिल्‍ली में दुर्घटनाग्रस्‍त हुए बीएसएफ विमान के मामले में तीन अहम खुलासे हुए हैं। पायलट कैप्‍टन भगवती प्रसाद भट ने विमान स्‍टार्ट करते ही इसमें तकनीकी खामी देखी थी। इसकी सूचना ग्राउंड क्रू को दी थी। लेकिन बताया जा रहा है कि ग्राउंड क्रू ने विमान ले जाने काे कहा था।

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इस विमान को रांची ले जाना था। इसी विमान से केन्‍द्रीय गृहराज्‍यमंत्री किरन रिजिजू गुरुवार को जाने वाले थे। रिजिजू अक्‍सर इसी विमान से अक्‍सर सफर करते हैं। विमान हादसे में पायलट समेत 10 जवानों की मौत हो गई थी। इनमें नौ बीएसएफ और एक सशस्‍त्र सीमा बल के जवान शामिल था।

हादसा दिल्ली के द्वारका सेक्टर-8 के शाहाबाद गांव में हुआ था। उत्‍तराखण्‍ड के रहने वाले पायलट भगवती भट साहस दिखाते हुए विमान को आबादी वाली इलाके से दूर ले गए ताकि आम नागरिकों को हादसे की जद में आने से बचाया जा सके।

एनडीटीवी के अनुसार, इस प्लेन में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। आमतौर पर ऐसे विमान में छह से ज्यादा लोग सवार नहीं होते, लेकिन इसमें 10 लोग सवार थे। यह प्लेन 20 साल पुराना बताया जा रहा है। अगर लोगों की संख्‍या कम होती तो संभव है प्‍लेन क्रैश न होता

बताया जा रहा है कि इस विमान को छह माह से अधिक का समय हो गया था और इसे रूटीन सर्विसिंग के लिए भेजे जाने को सिर्फ 30 घंटों का समय बचा था। विमान ऊंचाई पर उड़ान भरने में भी असमर्थ था। सर्विलिंग का न होना भी क्रैश की वजह हो सकता है।

ऐसे हुआ हादसा

बीचक्राफ्ट बी-200 विमान ने सुबह करीब 9:45 बजे रांची के लिए उड़ान भरी। कुछ देर बाद एक पेड़ से टकरा कर विमान दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया। क्रैश से पहले पायलट विमान को रिहायशी इलाके से दूर ले गए। पायलट ने इंजीनियरिंग विंग को जानकारी दी। इंजीनियरिंग विंग ने वापसी के लिए क्लीयर किया। पायलट ने एसओएस कॉल देकर एयरपोर्ट लौटना चाहा। इमरजेंसी का ऐलान और रनवे 28 को खाली कराया गया। रनवे से बस 50 मीटर पहले ही विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट उड़ान के लिहाज से बेहद अनुभवी थे। इस पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

विमान हादसे में पायलट भगवती भट्ट की मौत से देहरादून स्थित उनके गांव में मातम छा गया। यहां उनके भाई-भाभी और भतीजा रहते हैं। भगवती रुदप्रयाग के कालीमठ के कोतमा गांव के रहने वाले थे। वह दिल्‍ली में अपने परिवार के साथ्‍ा रहते थे। पांच साल पहले उनकी शादी हुई थी।

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