साढ़े सात साल बाद मिली राहत, सुनंदा पुष्कर मौत मामले में Shashi Tharoor बरी

बता दें कि बीती 27 जुलाई को स्पेशल जज गीतांजलि गोयल ने इस मामले पर सुनवाई टाल दी थी।

नई दिल्ली: सुनंदा पुष्कर मौत मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस नेता Shashi Tharoor को बरी कर दिया है। शशि थरूर को दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 498 A (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा अत्याचार) और धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोपी बनाया था। बता दें कि बीती 27 जुलाई को स्पेशल जज गीतांजलि गोयल ने इस मामले पर सुनवाई टाल दी थी।

कोर्ट ने पिछले 12 अप्रैल को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय करने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि पिछले 26 मार्च को इस मामले के आरोपी और कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने कहा था कि जब खुदकुशी का आरोप स्थापित ही नहीं होता है तो उकसाने का आरोप लगाने का कोई मतलब नहीं है। वहीं, शशि थरूर की ओर से वकील विकास पाहवा ने इस मामले में थरूर को बरी करने की मांग करते हुए कहा था कि उन्होंने सुनंदा पुष्कर को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया था।

सुनंदा पुष्कर के रिश्तेदारों के बयान से ये साफ है कि वो खुदकुशी नहीं कर सकती हैं। रिश्तेदारों ने शशि थरूर पर कोई आरोप नहीं लगाया है। अभियोजन पक्ष केवल ये कह रही हैं कि शशि थरूर के विवाहेत्तर संबंध थे।

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