दो धर्मों के बीच मिटती दूरियां, अयोध्या में इफ्तार पार्टी के साथ मंदिर के अंदर पढ़ी गई नमाज़

अयोध्या। वर्ष 1992 के बाद से उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा किसी न किसी रूप में चर्चा का केंद्र बन गया है। जिसके बाद से धर्म के बीच की दूरियां खत्म होती नज़र आ रही है। रमजान के दिनों में हाल ही में अयोध्या में एक मंदिर में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। बताया जा रहा है हुए इस आयोजन में केवल वहां के निवासी ही मौजूद थे। अयोध्या में इफ्तार पार्टी का आयोजन 500 साल पुराने सरयू कुंज में किया गया था। खास बात यह है कि सरयू कुंज स्थित 500 साल पुराना मंदिर राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल के पास है।

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जानकारी के मुताबिक निमंत्रण सिर्फ अयोध्या में रहने वाले लोगों को ही दिया गया था। इसमें कोई भी राजनीति या वीवीआईपी का शख्स शामिल नहीं था। इस आयोजन पर सरयू कुंज मंदिर के महंत जुगल किशोर शरण शास्त्री ने कहा,”हम ये संदेश देना चाहते हैं कि इस कदम के पीछे हमारा कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। हम अयोध्या से पूरे विश्व में शांंति के संदेश का प्रसार चाहते हैं।”

खबरों की माने तो धर्म की आड़ में बढ़ी इन दूरियों को पाटने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान वहां साधू- संतों ने मुस्लिम भाईयों को खजूर और हनुमान गढ़ी के लड्डू बांटे। जिसके बाद मंदिर में ही शाम की नमाज़ का भी आयोजन किया गया। साथ ही फैल रहे सांप्रदायिक तनाव से मिलकर लड़ने का संकल्प भी लिया गया है।

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