वैभवलक्ष्मी के स्मरण से होगी सुख-समृद्धि, धन, वैभव और ऐश्‍वर्य की प्राप्ति

0

क्यों करते हैं वैभवलक्ष्मी का व्रत पूजन?

हिन्दू धर्म की माने तो वैभवलक्ष्मी की पूजा सुख-समृद्धि, धन, वैभव और ऐश्‍वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। नियम और विधि विधान के साथ इनकी पूजा करने से व्यक्ति को ये सभी चीजें प्राप्‍त होती हैं। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी देवता की पूजा के लिए होता है। जिसमे मां लक्ष्मी पूजन के लिए शुक्रवार का दिन चुना गया है, जो वैभव और धन की देवी मानी जाती हैं।

मां वैभवलक्ष्मी का व्रत शीघ्र फलदायी होता है, लेकिन अगर फल शीघ्र नही मिलता तो एक महीने के बाद फिर से व्रत रखना चाहिए और जबतक फल ना मिले इच्छानुसार पूर्ण होने तक व्रत तीन-तीन महीने पर करते रहना चाहिए। मां वैभवलक्ष्मी का व्रत प्रत्येक शुक्रवार को करना चाहिए।

व्रत के दिन सुबह से ही मां लक्ष्मी के नाम का स्मरण मन ही मन करते रहना चाहिए। व्रत को शुरु करने से पहले एक बात का खास ध्यान रखें ये सुनिशचित कर लें की आप कितने शुक्रवार तक यह व्रत करेंगे। जैसे -11, 21 या उससे ज्‍यादा, इसके बाद व्रत समाप्त होने पर श्रद्धापूर्वक उद्यापन कर देना चाहिए।

लक्ष्मी जी को श्री यंत्र अति प्रिय है, इसलिए इस व्रत को करते समय श्री यंत्र सहित माता के श्री गजलक्ष्मी, श्री अधिलक्ष्मी, श्री विजयलक्ष्मी, श्री ऐश्‍वर्यलक्ष्मी, श्री वीरलक्ष्मी, श्री धान्यलक्ष्मी और श्री संतानलक्ष्मी सभी रूपों को प्रणाम करें।

 

loading...
शेयर करें