परिवहन विभाग ला रहा रेंट-ए-बाइक योजना, किराये पर ले जाएं; काम निपटा करें वापस

लखनऊ: अगर समय कम है और निर्धारित वक्त पर काम निपटाकर वापस ट्रेन न या बस पकड़ना चाह रहे हैं तो अब मुश्किल न होगी। परिवहन विभाग रेंट-ए-बाइक योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना की शुरुआत फरवरी माह के अंत तक हो जाएगी। दो कंपनियों वीके राइड और वोगो ने आवेदन किया है। इस पर शीघ्र निर्णय होना है। फिलहाल राजधानी से इसकी शुरुआत होगी। सोमवार को देर शाम तक चली राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने इस नई योजना को अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अंतर्राज्यीय परमिटों पर मुहर लगाने के साथ कई अहम निर्णयों पर भी एसटीए ने अपनी मुहर लगाई है।

राज्य परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश मिश्र, सचिव डॉ. विक्रम सिंह ने सोमवार को टिहरी कोठी स्थित परिवहन मुख्यालय में कई अहम निर्णय लिए। एसटीए अध्यक्ष ने बताया कि आवेदन के लिए आई दोनों कंपनियों पर अभी विचार-विमर्श किया जाएगा। जल्द ही नियमानुसार परमिट निरस्तीकरण की कार्यवाही भी की जाएगी। 627 परमिटों पर एसटीए को निर्णय लेना है। वे पासवर्ड से खुलेंगी। तय सीमा से बाहर निकलने पर वे स्वत: लॉक हो जाएंगी। लिहाजा इन्हें लेकर कोई बाहर भाग नहीं सकेगा। किराए और अन्य प्रकरणों पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।

जम्मू-कटरा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, गुड़गांव के विभिन्न रूटों के लिए परिवहन निगम की ओर से मांगे गए सभी परमिटों पर एसटीए ने मुहर लगा दी है। नेपाल, जनकपुर की परमिट काउंटर साइन के लिए नेपाल को भेजे गए हैं। एसटीए अध्यक्ष ने बताया कि कंपनियां फिलहाल पांच-पांच रेंट-ए- बाइक तय स्थलों पर रखेंगी। कंपनियां रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, शॉपिंग काम्प्लेक्स, मॉल समेत कई अहम स्थानों पर स्टैंड बनाएंगी जिससे आने वाला व्यक्ति  का लाभ ले सके। किराया जमा करने के बाद स्टैंड से इच्छुक व्यक्ति ई-बाइक लेकर अपना कार्य पूर्ण कर उसे किसी भी तय कंपनी के स्टैंड पर वाहन छोड़ देंगे।

Related Articles