रिपोर्ट: 7 साल में पानी की एक-एक बूंद का मोहताज हो जाएगा पाकिस्तान

कराची। देशों की वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नज़र रखने का काम करने वाली संस्था अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के रिपोर्ट के मुताबिक भारत का पड़ोसी देश पकिस्तान चंद सालों के भीतर पानी की एक-एक बूंद को तरस सकता है। सबसे हैरानी की बात ये है कि गहराते जल संकट के बीच भी पकिस्तान अपनी अर्थ व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की बजाए इसका ठीकरा पड़ोसी मुल्कों पर मढ़ रहा है।

पकिस्तान

पकिस्तान के मशहूर उर्दू अखबार रोजनामा के संपादकीय में भी इस बात का जिक्र किया गया है। अखबार ने लिखा है कि जल विशेषज्ञ दशकों से पानी की बढ़ती हुई किल्लत और भविष्य में पैदा होने वाली गंभीर स्थिति की तरफ ध्यान दिलाने की कोशिश करते रहे हैं लेकिन सरकार का रवैया बहुत ही ढीला ढाला रहा है। अखबार कहता है कि अंतरराष्ट्रीय नदियों के पानी से पाकिस्तान के जायज हिस्से को लेने के लिए पैरवी में गफलत और जल भंडारों के निर्माण को लेकर लापरवाही बरती गई।

आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार पकिस्तान का 80 फीसदी पानी प्रदूषित है और आने वाले समय में पकिस्तान में पानी का बहुत बड़ा संकट मंडराने वाला है।

रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान दुनिया के उन 136 देशों में 36वें स्थान पर आता है, जहां पानी की कमी की वजह से सरकार, अर्थव्यवस्था और आम लोग, तीनों ही दबाव में हैं। रोजनाम अखबार के मुताबिक यह संकट इतना गंभीर होगा कि दो एटमी ताकतों के बीच पानी के संसाधनों के लिए जंग हो सकती है।

आपको बता दे कि पकिस्तान में 1990 के बाद से पानी को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई है। अगर पकिस्तान अब भी बढ़ते जल संकटों पर ध्यान नहीं देगा तो वो दिन दूर नहीं जब पानी की बूंद के लिए तरसेगा और अंजाम अत्यंत भयावय होगा।

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