ये है योगी सरकार की क़ानून व्यवस्था, अवैध खनन के खिलाफ शिकायत करने की सजा…मौत

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लखनऊ: समाज का चतुर्थ स्तम्भ कहे जाने वाली पत्रकारिता लोगों को हर उस सच्चाई से रूबरू कराती है जो देश में घटती है। फिर चाहे भ्रष्टाचार का मामला हो या फिर हत्या का। लेकिन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी जिले में एक पत्रकार को भ्रष्टाचार का खुलासा करना काफी भारी पड़ा है। दरअसल, पत्रकार शैलेश मिश्रा को अवैध खनन की शिकायत करने की सजा अपनी जान देकर गंवानी पड़ी है।

अवैध खनन

अवैध खनन के खिलाफ शिकायत करने पर पत्रकार को मिली मौत

मिली जानकारी के अनुसार, शैलेश मिश्रा ने तेजी से हो रहे अवैध खनन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन जब उनकी इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने कई बार इस बात की शिकायत की। तब उन्होंने इस बात का अंदाजा नहीं लगाया था कि उनकी इस सजगता की सजा मौत होगी।

एक न्यूज पोर्टल ने मृतक पत्रकार के पुत्र के हवाले से बताया है कि आरोपी नीमगाँव, खीरी में अवैध खनन का कारोबार कराता है।उनके पिता ने अवैध खनन की शिकायत अधिकारियों से की थी। लेकिन इस उनका शिकायत करना आरोपी को इस हद तक नागवार गुजरा कि बेहजम चौराहे पर उसने पत्रकार को रोककर धमकी दी।

बीते दिन शाम को करीब 7:30 बजे उन्हें आरोपी ने अपने साथियों के साथ घेर लिया था। जान से मारने की नियत से ट्रैक्टर पत्रकार के ऊपर चढ़ा दिया, जिसके बाद पत्रकार की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीँ पुलिस का कहना है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार, मिला पुलिस के मिली भगत के अवैध खनन का कारोबार संभव ही नहीं है। माफियाओं और पुलिस की मिलीभगत से हो रहे अवैध खनन कारोबार पर खबर लिखना पत्रकार को इतना भारी पड़ेगा, उन्होंने नहीं सोचा होगा।

पत्रकार की मौत के बाद से ही पूरे जिले में योगी सरकार की क़ानून व्यवस्था के खिलाफ काफी रोष देखने को मिल रहा है। यह रोष लखीमपुर-खीरी के पत्रकारों में भी भरा पड़ा है। अब देखना यह है कि रामराज्य लाने के बड़े बड़े दावे करने वाली योगी सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

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