रिसर्च : शराब पीने से लोग बन जाते हैं ‘जातिवादी’

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नई दिल्ली। शराब सेहत के लिए कितनी हानीकारक होती है ये किसी से छिपा नहीं है। लेकिन क्या आपको पता है ये सेहत के साथ-साथ समाज के लिए भी खतरनाक होती है। एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि शराब पीने से लोग रेसिस्ट यानि जातिवादी बन जाते हैं। रिसर्च में दावा किया गया है कि शराब लोगों को जातिवादी बनाती है।

शराब पीने वाले लोग पक्षपात को बढ़ावा देते हैं

एक ताजा रिसर्च में सामने आया है कि जिन लोगों को शराब की आदत होती है वो पक्षपात को बढ़ावा देते हैं यानि वो बाकियों के मुकाबले ज्यादा जाति‍वादी होते हैं। सिर्फ यही नहीं ऐसे लोग समलैंगिगता को भी बुरी नजरों से देखते हैं। रिसर्चरों ने पाया कि 124 लोगों में से लगभग 19 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जिनके साथ नस्लीय भेदभाव के आधार पर हमला हुआ है। इन हमलावरों में से 90 फीसदी ऐसे हैं जिन्हें शराब पीने की आदत है।

शराब सेहत के साथ समाज के लिए भी खतरनाक है

इस रिसर्च में साफ तौर पर बताया गया है कि शराब किस हद तक लोगों के लिए हानीकारक है। न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि समाज और सोसाइटी के लिए भी काफी खतरनाक है। कार्डिफ यूनिवर्सिटी से एक प्रोफेसर ने कहा कि हमने ऐसा देखा कि इन हमलावरों ने सिर्फ नफरत की भावना के कारण ही हमला नहीं किया, बल्कि शराब ने इनके भीतर उस नफरत को बढ़ाया जिसके कारण वो उग्र हो गए।

शराब सीधे दिमाग पर असर करती है

वहीं, एक रिसर्च में ये भी सामने आया है कि शराब सीधे दिमाग पर असर करती है और उसके सही तरीके से काम करने की प्रक्रिया में बाधा डालती है। इससे लोग बेपरवाह हो जाते हैं। वहीं वे कुछ समय के लिए बेवजह खुश या उत्साहित हो सकते हैं और अगर दुखी हैं तो और दुखी हो सकते हैं।

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