RRA 2.0 : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नए रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी का किया गठन

नई दिल्ली : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने रेगुलेटरी फंक्शंस की इंटरनल रिव्यु के लिए एक नए रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी (Regulations Review Authority- RRA 2.0) के गठन का फैसला किया है। 1 मई, 2021 से प्रभावी होने वाली इस रिव्यू अथॉरिटी का कार्यकाल एक साल का होगा। खबर है रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर राजेश्वर राव को रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी नियुक्त किया गया है।

रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी 2.0 रिजर्व बैंक के नियमों को रिव्यु  तो करेगा ही इसी के साथ-साथ यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रेगुलेटेड कंपनियों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से सलाह लेकर बैंक के नियमों को सरल और प्रैक्टिकल बनाने के लिए भी काम करेगी ताकि उनका इंप्लिमेंटेशन आसानी से किया जा सके।

 रेगुलेटरी और सुपरवाइजरी इंस्ट्रक्शंस को ज्यादा कारगर बनाएगी RRA 2.0

इसके साथ ही रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी 2.0 रेगुलेटरी इंस्ट्रक्शंस का पालन कराने के साथ रिजर्व बैंक द्वारा रेगुलेटेड कंपनियों के कंप्लायंस बर्डेन के बोझ को कम करने में भी मदद करेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें इससे पहले रिजर्व बैंक ने रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी (RRA) का गठन साल 1999 में किया था। रिजर्व बैंक ने उस समय इसका गठन अपने लोगों, बैंकों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के फीडबैक के बेस पर रेगुलेशन, सर्कुलर और रिपोर्टिंग सिस्टम को रिव्यू करने के लिए किया था।

रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी 2.0 भी रेगुलेटेड इंस्टीटूशन्स से फीडबैक लेगी और रिजर्व बैंक के सर्कुलर और फरमानों को प्रसारित करने की प्रोसेस को जांचने परखने और दुरुस्त करने का काम भी कारगी। इसके साथ इसका काम रेगुलेटेड एंटिटीज को पेपर बेस्ड रिटर्न फाइल करने के लिए डिस्करेज कर और उन्हें ऑनलाइन डिजिटल रिटर्न फाइल करने के लिए बढ़ावा देना होगा।

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