रिजर्व बैंक का एचएफसी के लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के लिए स्वयं के स्वामित्व वाले न्यूनतम शुद्ध कोष (एनओएफ) की अनिवार्यता को दोगुना करके 20 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया। इसी के साथ उसने एचएफसी के लिए विभिन्न नियमों में बदलाव का मसौदा भी पेश किया।

केंद्रीय बैंक ने मसौदा जारी करने के साथ ही कहा कि इसका मकसद एचएफसी विशेष कर छोटी एचएफसी के पूंजी आधार को मजबूत बनाना है। मसौदे में वित्तीय मानकों के आधार पर प्रणालीगत अहम एचएफसी की नयी श्रेणी भी बनायी गयी है। साथ ही किसी एचएफसी को या तो निर्माण कंपनी या घर खरीदार में से किसी एक को ऋण देने तक सीमित करने का भी प्रस्ताव है। रिजर्व बैंक ने कहा मौजूदा एचएफसी को एनओएफ के स्तर को पूरा करने के लिए एक साल में 15 करोड़ रुपये और दो साल में 20 करोड़ रुपये करने की सुविधा दी गयी है। रिजर्व बैंक ने इस मसौदे पर हितधारकों से 15 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं

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