सर्जिकल स्ट्राइक पर फिर शुरू हुई सियासत, कांग्रेस ने नए वीडियो को बताया वोट मांगने का हथियार

नई दिल्ली । सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर एक बार फिर सियासत गर्म होती नजर आ रही है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तब निशाना साधा है, जब जम्मू-कश्मीर के उड़ी में 2016 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो पहली बार सामने आया। कांग्रेस प्रवक्ता् रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सर्जिकल स्ट्रा इक की वीरगाथा को भाजपा वोट मांगने के लिए इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार जय जवान, जय किसान के नारे का गलत इस्तेमाल ही नहीं कर रही, बल्कि‍ सर्जिकल स्ट्राइक को वोट हथियाने के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास भी कर रही है। साथ ही ये भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल में भी सेना ने कई ऑपरेशन किए लेकिन उन्हों ने कभी इसका फायदा नहीं उठाया।

सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी के राष्ट्री य अध्यक्ष अमित शाह ने सारी हदें ही पार कर ड़ाली हैं। उन्होंने कहा कि 68 सालों में पहली बार भारतीय सेना एलओसी के पार गई। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी असफलता ये है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक 146 सैनिक शहीद हो चुके हैं। इतना ही नहीं पाकिस्ताेन 1600 से ज्या दा बाद नियंत्रण रेखा का उल्लं घन कर चुका है और 79 आतंकवादी हमलों ने सरकार के झूठे दावों की पोल खोल दी है।

आपको बता दें कि भारतीय सेना ने 29 सितंबर, 2016 को पीओके के आसपास आतंकी पैड को खत्म कर स्ट्राइक को अंजाम दिया था। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक का वीडि‍यो बुधवार (27 जून, 2018) सामने आया है। वीडियो में दिखाया गया है कि सेना ने ना सिर्फ आंतकियों के बंकरों को खत्म किया बल्कि कुछ को मौत के घाट भी उतार दिया।
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा नें बताया कि वीडियो बिल्कुल असली है।

हूडा के मुताबिक सर्जिकल स्ट्राइक सफल होने के बाद वीडियो जारी किए जाने चाहिए। हालांकि ये अच्छा है कि वीडियो रिलीज कर दिया गया। उस समय के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह नें 29 सितंबर, 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बताया था। ऑपरेशन के लिए सेना के अधिकारी और सैनिकों की चार और स्पेशल फोर्स की 9 बटालियन बनाई गईं।

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