श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लिए संशोधित बजट स्वीकृत, मशीनों के लिए जगह तय

वाराणसी: बाबा दरबार से गंगा तट तक कारिडोर निर्माण को पांच विभागों से हरी झंडी मिल गई। इसमें गंगा से 200 मीटर के दायरे में निर्माण की बाधा भी दूर कर ली गई। पुरातात्विक व धरोहरों से संबंधित विभागों ने भी अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है। इसमें 28.38 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। निर्माण के लिए तय अहमदाबाद की कंपनी पीएसपी प्रोजेक्ट्स को वर्क आर्डर जारी कर दिया जाएगा।

इसके लिए मशीनें व उपकरण भी दो दिन में बनारस आ जाएंगे। कंपनी की टीम ने कॉरिडोर क्षेत्र का निरीक्षण कर मशीनें लाने व खड़ी करने के लिए जगह भी देख ली। कॉरिडोर निर्माण के लिए 27 दिसंबर को टेंडर तय किया गया था। एनओसी की बैठक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नेशनल मान्यूमेंट अथारिटी, चीफ टाउन एंड सिटी प्लानर, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड व एनएमसीजी के अधिकारी शामिल थे। बतौर वीडीए सचिव मंदिर सीईओ विशाल सिंह ने इसमें प्रोजेक्ट की महत्ता और जरूरत की ओर ध्यान दिलाया। इससे संबधित कागजात भी प्रस्तुत किए। अंतत: सभी विभागों ने निर्माण पर सहमति जता दी।

कारिडोर निर्माण के लिए सभी विभागों से एनओसी के बाद मंदिर प्रशासन का ध्यान अब बजट संशोधन पर है। नए आकलन के अनुसार बजट 318 करोड़ से बढ़ कर 364 करोड़ हो गया है। इसके लिए फाईल लखनऊ में प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग एंड अप्रेजल डिवीजन के पास भेजी गई है। यहां के बाद इकोनामिक फाइनेंस कमेटी से इसकी स्वीकृति मिलते ही संशोधन प्रस्ताव मंगलवार को कैबिनेट में रखा जाएगा। इसे इकोनामिक फाइनेंस कमेटी ने स्वीकृति देते हुए कैबिनेट में रखने की जरूरत से इन्कार किया। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर व विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के सीईओ विशाल सिंह के अनुसार शुक्रवार तक संशोधित शासनादेश आ जाएगा। कंपनी मकर संक्रांति से कार्य शुरू करने की तैयारी में है।

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