एशिया की सबसे बड़ी झील के फ्लोटिंग हट्स निर्माण में की गई गड़बड़ी, NGT मानकों की उड़ाई जा रही धज्‍जिया

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टिहरी। एशिया की सबसे बड़ी झील के रूप में फेमस टिहरी झील में पर्यटकों को लुभाने के लिए फ्लोटिंग हट का निमार्ण किया गया है। जिनकी संख्‍या 24 तक है। लेकिन खबर आ रही है कि इनके बनाने में एनजीटी के मानकों का खुलेआम धज्‍जियां उड़ाई गई हैं। बताया जा रहा है कि इनकों इको हट्स के रूप में बनाना था। लेकिन जिस संस्‍था ने इनका निमार्ण किया उसने इन हट्स में जनरेटर लगाए है।

लेकिन जो चौकाने वाली खबर है वो ये कि इनका निमार्ण होने के बाद भी एनजीटी के अधिकारियों का ध्‍यान नहीं गया। जिस कारण इन हट्स के द्वारा साफ और स्‍वच्‍छ वातावरण में वायु प्रदूषण के साथ ही जल प्रदूषण फैलाया जा रहा है। बता दें कि झील में हट्स को बनाने का कार्य उत्‍तराखंड सरकार के द्वारा मेगा प्रोजेक्‍ट के तहत शुरु किया गया था।

लेकिन सरकार को ठेंगा दिखाते हुए इनको अंतिम रूम देने वाली संस्‍था ने सोलर पैनल की जगह जनरेटर लगाए हैं। जबकि इनमें सोलर पैनल ही लगाने थे क्‍योंकि वो एनजीटी के मानको के आधार पर थे। जिसके बाद मानकों की अनदेखी पर स्‍थानीय लोगों ने विरोध करना शुरु कर दिया हैं। वहीं सरकार तक आवाज पहुंचने के बाद शासन ने एक्‍शन लेने की बात कही है।

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