RIP: नहीं रहे BJP के कद्दावर नेता लालजी टंडन, UP में 3 दिन का राजकीय शोक

लखनऊ। मध्य प्रदेश राज्यपाल और उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता लालजी टंडन का मंगलवार की सुबह 5.35 मिनट पर निधन हो गया है। वह बीमारी के कारण काफी समय से छुट्टी पर थे और लखनऊ के मेदांता में अपना इलाज करा रहे थे। यूपी के राज्यमंत्री और बेटे आशुतोष टंडन ने ट्वीट कर उनके मौत की जानकारी दी। आपको बता दें लालजी टंडन के निधन के बाद यूपी में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

​इससे पहले आपको बताते चलें कि टंडन को 11 जून को सांस लेने में तकलीफ और बुखार के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उनके लिवर में दिक्कत होने की वजह से 14 जून को इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया थ। फिर उनकी हालत नाजुक हो गई. जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।​ बता दें कि उत्तर प्रदेश के राजनीति में  लालजी टंडन काफी सक्रिय थे। कल्याण सिंह और विनय कटियार की तरह लालजी टंडन की भी एक अपनी अलग पहचान थी।

आइये जानते हैं लाल जी टंडन से जुड़ीं दिलचस्प बातें …

1. 12 अप्रैल 1935 को लालजी टंडन का जन्म उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। लालजी टंडन शुरुआत से ही संघ से जुड़े रहे हैं।

2. उन्होंने स्नातक तक पढ़ाई की है। इसके बाद साल 1958 में लालजी की शादी कृष्णा टंडन से हुई।

3. संघ से जुड़ने के दौरान ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से इनकी मुलाकात हुई थी। लालजी शुरूआत से ही अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी रहे हैं।

4. लालजी टंडन का राजनीतिक सफर साल 1960 में शुरू हुआ। टंडन दो बार पार्षद चुने गए और दो बार विधानपरिषद के सदस्य भी रहें।

5. लालजी टंडन ने इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ जेपी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की थी

 

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