रिसर्च : दूध के जीवाणुओं से गठिया का खतरा

न्यूयार्क। दूध पीने के बहुत सारे फायदे होते हैं। कम्प्लीट फ़ूड कहा जाता है। इसमें प्रोटीन, फैट, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट के साथ ही कई विटामिन और मिनरल भी होते हैं जो हमारी सेहत के लिए बेहद जरुरी होते हैं। लेकिन रिसर्च में एक बात सामने आई है कि दूध में पाया जाने वाला एक जीवाणु एक प्रकार के गठिया के लिए कारक बन सकता है।

रिसर्च

एक रिसर्च के मुताबिक उनमे ज्यादा रहता है जो अनुवांशिक रूप से इस जोखिम के दायरे में आते हैं। यह रिसर्च अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा (यूसीएफ) के शोधकर्ताओं ने की है। शोधकर्ताओं ने रह्यूमेटॉयड आर्थ्राइटिस और मायकोबैक्टीरियम एवियम की उपप्रजाति पाराट्यूबरकुलोसिस जिसे एमएपी के तौर पर जाना जाता है, में एक संबंध की खोज की है।

यह जीवाणु अमेरिका में आधे से ज्यादा गायों में पाया जाता है। यह जीवाणु संक्रमित दूध, गोमांस या गाय के गोबर से बनी खाद से उर्वर उत्पादों के उपभोग से इंसानों में फैल सकता है। एमएपी और गठिया के बीच संबंध से जुड़ा यह रिसर्च सबसे पहले जर्नल फ्रंटियर्स इन सेलुलर एंड इनफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित हुआ।

आर्थ्राइटिस या गठिया में जोड़ों में सूजन होती है। इससे एक से अधिक जोड़ प्रभावित होते हैं। गठिया में जोड़ों में दर्द होता है। इसमें कभी-कभी पीड़ित को तेज बुखार भी आता है। भूख भी कम लगती है। इससे चलना फिरना मुश्किल हो जाती है।

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