रिया चक्रवर्ती को जमानत मिलना भी मुश्किल, होगी जल्द गिरफ्तारी  

नई दिल्ली:अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद बिहार की पुलिस टीम मुंबई पहुंचकर जांच कर रही है.रिया चक्रवर्ती से पूछताछ जांच फिलहाल प्रारंभिक चरण में है. FIR  में जिन बातों का जिक्र है उन सभी पहलुओं पर टीम जांच करेगी.रिया चक्रवर्ती से पूछताछ के बारे में सीटी एसपी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पूछताछ होगी. अभी जांच चल रही है कब होगी अभी कहना मुश्किल है, लेकिन  मुंबई पुलिस मामले में सहयोग कर रही है. इन सबके बीच खबर है कि रिया चक्रवर्ती अंतरिम जमानत के लिए आवेदन करेंगी, लेकिन इसमें रिया के सामने कई मुश्किलें भी हैं.

6 अगस्त तक पटना हाईकोर्ट बंद
पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील ने बताया कि जबकि  पटना हाईकोर्ट के 120 स्टाफ कोरोना संक्रमित हैं, इसलिए यहां छह अगस्त तक छुट्टी है. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट भी 4 अगस्त को खुलेगा. ऐसे में पटना हाईकोर्ट में 6 अगस्त को और सेशन कोर्ट में 4 अगस्त के बाद ही रिया पटना में बेल फाइल कर सकती हैं. हालांकि रिया के पास दो ऑप्शन हैं. पहला ये कि या तो मुंबई में फाइल कर दें या फिर सुप्रीम कोर्ट जा सकती हैं ये कहते हुए कि पूरा उनके लिए बंद है.

रिया के पास ये हैं दो ऑप्शन
वरिष्ठ वकील ने बताया कि पटना से अगर जमानत लेना चाहेंगी तो इससे पहले तो सेशन कोर्ट में बेल फाइल करनी पड़ेगी. एटिसिपेट्री बेल के लिए आवेदन डिस्ट्रिक्ट कोर्ट खुलेगा तभी दाखिल की जा सकती है. हालांकि रिलीफ के लिए वो लोग मुंबई में जमानत याचिका फाइल कर सकते हैं. सीनियर वकील ने कहा कि प्राइमाफेसी केस तो बन गया है इसलिए जांच जरूर होनी चाहिए. उद्देश्य ये हो कि कोई निर्देष आदमी न फंसे, कोई दोषी भी न छूटे. उन्होंने कहा कि रिया तो इसमें मुख्य बिंदु बन गई हैं लेकिन औऱ लोगों का भी इसमें बैकग्राउंड है जो वहां की इंडस्ट्री ने इनको कॉर्नर किया, उसका भी हाथ हो सकता है.

जानकारी साझा करेगी मुंबई पुलिस
इस बीच खबर ये भी है कि सुशांत केस की जांच जिस आईपीएस अधिकारी के अंडर में चल रही है उनके मुताबिक बिहार पुलिस की टीम ने अभी तक बांद्रा पुलिस जहां केस दर्ज है या उनसे सीधे तौर पर कोई संपर्क नहीं किया है. बल्कि क्राइम ब्रांच के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी. उन्होंने बिहार में दर्ज FIR से जुड़ी जानकारी साझा की और अब कमिश्नर के आदेश के बाद क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी बांद्रा  को इसके बारे में इंटिमेट करेंगे उंसके बाद  ही बांद्रा पुलिस डीसीपी के आदेश के बाद किसी तरह की जानकारी साझा करेगी.

तीसरी एजेंसी को भी ट्रांसफर किया जा सकता है केस
पुलिस ने स्पष्ट कहा कि उसके बाद बिहार पुलिस रिया से पूछताछ कर सकती है लेकिन गिरफ्तारी या कस्टडी में नही ले सकती. उंसके लिए बिहार पुलिस को मुम्बई पुलिस कमिश्नर के आदेश की जरूरत होगी क्योंकि मुख्य घटना मुम्बई से ही जुड़ी है. दूसरा सीनियर आईपीएस के मुताबिक मुम्बई पुलिस केस बिहार पुलिस को ट्रांसफर करने की किसी भी सम्भवना से इनकार कर  रही है. उनका कहना है कि कानूनी तौर पर बिहार में दर्ज FIR मुम्बई पुलिस को ट्रांसफर हो सकता है या सरकार या  कोर्ट के आदेश से किसी तीसरी एजेंसी को ट्रांसफर किया जा सकता है.

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