आर के नगर उपचुनाव नतीजे : शशिकला के लिए बड़ी कामयाबी, ‘अम्मा’ की सीट पर दिनाकरन का कब्जा

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चेन्नई। देश में चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना पूरी हो चुकी है। इन सीटों में तमिलनाडु की आर के नगर, यूपी की एक, पश्चिम बंगाल की एक तथा अरुणाचल प्रदेश की दो सीटें शामिल हैं, लेकिन इन सब में बेहद खास आरके नगर सीट मानी जा रही है। पार्टी से अलग-थलग चल रहे अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के नेता टी.टी.वी दिनाकरन ने रविवार को आरके नगर निर्वाचन क्षेत्र के उप-चुनाव में जीत हासिल कर ली है।

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शशिकला कैंप के लिए ये बड़ी कामयाबी

आरके नगर विधानसभा सीट उपचुनाव में निर्दलीय उम्‍मीदवार टीटीवी दिनाकरण ने जीत ली है। इसे शशिकला कैंप के लिए बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। 14वें राउंड खत्म होने के तक चुनाव आयोग के आधिकारिक रुझानों के मुताबिक टीटीवी दिनाकरऩ 69392 वोटों से आगे चल रहे थे। जबकि एआईएडीएमके के ई मधुसुदनन के 36217 वोट थे। डीएमके के एन मरुधु गणेश के 18294 और बीजेपी के करु नागराजन के मात्र 1126 वोट थे।

जयललिता की करीबी रहीं शशिकला के  भतीजे है दिनाकरन 

दिनाकरन एआईएडीएमके महासचिव और जयललिता की करीबी रहीं शशिकला के भतीजे है। वहीं, इससे पहले आरके नगर सीट पर एआईएडीएम और दिनाकरण के समर्थकों के  बीच  झड़प की खबरें आ रही थीं। वहीं, यूपी में सिकंदरा सीट और अरुणाचल में लिकाबाली, पक्के-केसांग सीटें बीजेपी की झोली में गईं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में सबांग सीट पर टीएमसी कैंडिडेट गीता रानी को जीत मिली।

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दिनाकरण ने क्या कहा

दिनाकरण ने कहा, हमलोग वास्तविक अन्नाद्रमुक हैं। उम्मीदवार महत्वपूर्ण होता है। मैंने पहले ही कहा कि ‘दो पत्ती’ केवल तभी सफल चिह्न होगा जब वह एमजीआर और अम्मा (जयललिता) के साथ रहेगा। अगर यह चुनाव चिह्न एम एन नांबियार और पी एस वीरप्पा को दे दिया जाए तो क्या लोग उसे वोट करेंगे।

आर के नगर सीट क्यों थी इतनी अहम 

ऐसा माना जा रहा था कि जो भी यह सीट जीतेगा आने वाले दिनों मे सत्ता उसी की तरफ रहेगी क्योंकि जयललिता यहां से दो बार चुनाव लड़ी थी और जीती भी थी। जयललिता के निधन के कारण यह सीट खाली हुई थी। जयललिता की विरासत हासिल करने के लिए ओपीएस-ईपीएस और शशिकला का खेमा आमने सामने थे। 21 दिसंबर को हुए चुनाव में 77.58 फीसदी मतदान हुआ था।

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