वाराणसी में आरएलडीए करेगा वसुंधरा रेलवे कॉलोनी का पुनर्विकास, ई-बोली के लिए आवेदन

आरएलडीए करेगा वाराणसी में वसुंधरा रेलवे कॉलोनी का पुनर्विकास, ऑनलाइन बोली के माध्यम से उच्चतम लीज़

नई दिल्ली: भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने वाराणसी में बनारस रेलइंजन कारखाना परिसर के निकट वसुंधरा लोको रेलवे कॉलोनी के पुनर्विकास के लिए ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित की है। वर्तमान में भारतीय रेलवे के पास पूरे देश में लगभग 43,000 हेक्टेयर खाली भूमि है।

रेलवे कॉलोनी के पुनर्विकास

इस परियोजना के लिए अधिकृत कुल भूमि का क्षेत्रफल लगभग 2.5 हेक्टेयर है जिसमें लगभग एक हेक्टेयर भूमि रेलवे कॉलोनी के पुनर्विकास के लिए स्वीकृत की गई है और शेष 1.5 हेक्टेयर भूमि वाणिज्यिक विकास के लिए है। वाणिज्यिक विकास के लिए 45 वर्ष की लीज़ अवधि के लिए आरक्षित मूल्य 24 करोड़ रुपया निर्धारित किया गया है। रेलवे कॉलोनी के अनिवार्य पुनर्विकास कार्यों के लिए लागत 34.5 करोड़ रुपया आवंटित किया गया है। डेवलपर विकसित कॉलोनी की पांच साल की अवधि तक देखभाल करेंगे।

पुनर्विकास के कार्य

वाराणसी में यह कॉलोनी बहुत अहम स्थान पर स्थित है जो मंडल रेलवे अस्पताल और वाराणसी जंक्शन के करीब है जो इस परियोजना का अतिरिक्त लाभकारी बनाता है। पुनर्विकास कार्य के अन्तर्गत इस भूमि पर एक मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है, जो पार्किंग, लॉबी, पास, लिफ्ट, सीढ़ियां, तथा अन्य सुविधाओं से सुसज्जित होंगी।

ई-बोली के लिए आवेदन

ऑनलाइन बोली के माध्यम से उच्चतम लीज़ प्रीमियम की पेशकश करने वाले योग्य डेवलपर को भूमि लीज़ पर दी जाएगी। लीज़ की अवधि 45 वर्ष रखी गयी है। इच्छुक डेवलपर्स के लिए ब्रीफिंग और उनके प्रश्नों का उपयुक्त उत्तर देने के लिए ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग गत छह नवंबर को आयोजित की गई थी। इसको लेकर व्यापक प्रतिक्रिया मिली है। ऑनलाइन बैठक में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या अच्छी देखी गई। ई-बोली के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 22 दिसंबर है।

स्मार्ट सिटी परियोजना

आरएलडीए के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश डुडेजा का कहना है कि वाराणसी केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत आती है। इस क्षेत्र में रेलवे कॉलोनी का पुनर्विकास अपनी तरह का पहला विकास कार्य होगा। इस परियोजना से आसपास के क्षेत्र में भी रियल एस्टेट परियोजनाओं और बाजार को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में भारतीय रेलवे के पास पूरे देश में लगभग 43,000 हेक्टेयर खाली भूमि है।

(ग्रीन फील्ड) साइट

आरएलडीए के पास लीजिंग के लिए देश भर में 79 वाणिज्यिक (ग्रीन फील्ड) साइट हैं। यह उपक्रम वर्तमान में 62 स्टेशनों और 84 रेलवे कॉलोनी के पुनर्विकास परियोजनाओं पर काम कर रहा है और हाल ही में पुनर्विकास के लिए गुवाहाटी में एक रेलवे कॉलोनी को लीज पर दिया है।

61 स्टेशनों को पुनर्विकसित

आरएलडीए की सहायक आईआरएसडीसी ने अन्य 61 स्टेशनों को पुनर्विकसित करने हेतु चयनित किया है। पहले चरण में आरएलडीए ने पुनर्विकास के लिए नई दिल्ली, तिरुपति, देहरादून, नेल्लोर और पुदुचेरी जैसे प्रमुख स्टेशनों को प्राथमिकता दी है। केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के एक हिस्से के रूप में भारत भर के रेलवे स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर पुनर्विकास किया जाएगा।

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