एक और महाघोटाला : रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी ने 7 बैंकों को लगाया 3,700 करोड़ का चूना

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कानपुर। पीएनबी बैंक में 11,400 हजार करोड़ के महाघोटाले ने पूरे देश में हाहाकार मचा कर रख दिया है। चारों तरफ इसी के चर्चे हैं। पीएनबी महाघोटाला मामले में जांच एजेंसियां डायमंड कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ तेजी से अपना जाल बिछाने में जुटी हुई हैं। वहीं, अब देश में दूसरे कारोबारियों के घोटाले सामने आ रहे हैं। यूपी के कानपुर में रोटोमैक ब्रांड के नाम से पेन बनाने वाली कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर भी कई हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगा है।

विक्रम कोठारी के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस लिया है

विक्रम कोठारी के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस लिया है। कोठारी और उनकी कंपनी के खिलाफ सीबीआई के साथ-साथ ईडी ने अलग-अलग मामले दर्ज किये हैं। ये मामले 2008 से सात बैंकों के साथ कुल 3,695 करोड़ रुपये के कर्ज में धोखाधड़ी करने से जुड़े हैं। कानपुर में समूह के तीन परिसरों पर एक साथ छापेमारी कर हजारों दस्तावेज सीज कर दिए गए हैं। देर रात तक जांच चल रही थी। दिल्ली स्थित उनके आवासीय परिसर और कंपनी निदेशकों के ऑफिस को भी सील कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

खबरों के मुताबिक, सीबीआई ने बताया कि रोटोमैक केस में साजिशकर्ताओं ने 7 बैंकों के कॉन्सर्टियम को धोखा दिया और बेइमानी से 2919 करोड़ रुपए का बैंक लोन निकाला। इसमें लोन का इंट्रेस्ट शामिल नहीं किया गया है। ब्याज जोड़कर ये रकम 3695 करोड़ रुपए हो जाती है। इस केस में रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिडेट के डायरेक्टर विक्रम कोठारी, पत्नी साधना कोठारी और बेटे राहुल कोठारी का नाम है।

इन बैंकों से लिया कर्ज

एफआईआर में कहा गया है कि रोटोमैक ग्रुप ने धोखाधड़ी कर सात बैंकों से 2919 करोड़ रुपये का लोन लिया, जिसे अदा नहीं किया गया। ब्याज मिलाकर यह रकम 3695 करोड़ रुपये है। रकम बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की है।

कौन है विक्रम कोठारी?

विक्रम कोठारी जाने-माने दिवंगत उद्योगपति एमएम कोठारी (मनसुख लाल महादेव भाई कोठारी) का बेटा है। एमएम कोठारी का जन्म कानपुर के छोटे से गांव निराली में हुआ था। वह 8 भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। प्राइवेट नौकरी से करियर की शुरुआत की। धीरे-धीरे करके उन्होंने स्कूल समेत कई संस्थानों की शुरुआत की। पान पराग और रोटोमैक की नींव रखी।

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