IPL
IPL

आरएसएस बन जाएगा राष्‍ट्रीय ईसाई संघ

इंद्रेश कुमार
इंद्रेश कुमार

नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) अब ईसाई समुदाय को अपनी अोर खींचने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए बीते 17 दिसंबर को आरएसएस ने करीब 50 रेवरेंड बिशप से मुलाकात की है।

बताया जा रहा है कि संघ का मकसद ईसाई समुदाय का एक संगठन बनाना है, जिस तर्ज पर जैसे कि एक दशक पहले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच बनाया था। अभी इस संगठन का नाम तय नहीं किया गया है। हालांकि माना जा रहा है कि इसे राष्‍ट्रीय ईसाई संघ नाम दिया जा सकता है।

संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार के मुताबिक, पिछले महीने हुई बैठक में विश्व हिंदू परिषद के नेता चिन्मयानंद स्वामी भी मौजूद थे। बैक मे आर्चबिशप कुरियाकसे भरणिकुलांगरा, गुडग़ांव डायोसिस के बिशप जैकब, दिल्ली डायोसिस के बिशप आईजैक और चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के महासचिव ए मसीह भी शामिल थे।

बैठक में ईसाई धर्मगुरुओं को क्रिसमस की बधाई दी गई। इनके साथ नए संगठन को लेकर बातचीत भी हुई। दरअसल, भाजपा और आरएसएस ईसाइयों को साथ जोड़कर उनके समुदाय पर भी अपनी पकड़ बनाना चाहती है। यह कोशिशें इसी कवायद का हिस्‍सा मानी जा रही हैं।

इस घटनाक्रम को नरेंद्र मोदी की सरकार में कथित रूप से बढ़ी असहिष्‍ण्‍ुाता के मद्देनजर देखा जा रहा है। राजनीतिक दल बीजेपी के वैचारिक संरक्षक पर समुदायों के बीच असहिष्‍णुता फैलाने के आरोप लगते रहे हें। कुछ समय पहले आरएसएस ने यूपी के आगरा में घर वापसी अभियान चलाया था। इसमें ईसाइयों को हिन्‍दू बनाया जाना था। हालांकि यह अभियान रद कर दिया गया था।

अब दोबारा ईसाइयों को संघ से जोड़ने की इस पहल को पुरानी कवायद का नया रूप माना जा रहा है। संघ का मानना है कि इससे आरएसएस के साथ ही बीजेपी की धर्म निरपेक्ष छवि को फायदा मिलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button