वाराणसी में 186 करोड़ की लागत से बना शिवलिंग के आकार में Rudraksh Convention Center, आज होगा उद्घाटन

वाराणसी/लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र कशी पहुंच चुके हैं। बाबतपुर हवाई अड्डे पर उनका राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और CM योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया। आज महादेव की नगरी में PM मोदी भव्य Rudraksh Convention Center का उद्घाटन करेंगे। ये सेंटर भारत और जापान की मित्रता मजबूत करेगा। बता दें जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने PM मोदी के साथ गंगा की सौगंध लेकर बनारस में अपने मजबूत रिश्तों की सुनहरी इबारत लिखी थी। काशी और जापान की कला संस्कृति का प्रतीक रुद्राक्ष दुनिया के सामने नित नए आयाम लिखेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इसे काशी की जनता को समर्पित करेंगे।

शिवलिंग के आकर में निर्मित Rudraksh Convention Center भारत-जापान मित्रता का प्रतीक है। आज गुरूवार को भव्य समारोह के बीच PM मोदी इसे जनता को समर्पित करेंगे। जापानी और भारतीय वास्तु शैलियों का संगम वाले रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की डिजाइन जापान की कंपनी ओरिएंटल कंसल्टेंट ग्लोबल ने तैयारी की है। दिसंबर 2015 में अपनी वाराणसी यात्रा के दौरान, जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शहर को वीआईसीसीसी परियोजना उपहार में दी थी। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) ने परियोजना की लागत लगभग 186 करोड़ की फंडिंग की थी। इसके अलावा, एक जापानी कंपनी फुजिता कॉरपोरेशन को कन्वेंशन सेंटर बनाने का ठेका दिया गया था।

अब से कुछ देर बाद दोपहर 2 बजे PM नरेंद्र मोदी Rudraksh Convention Center पहुंचेंगे। यहाँ प्रधानमंत्री करीब 1 घंटे रहेंगे। उनके साथ जापान के राजदूत सतोषी सुजुकी, उत्तर प्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल, सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ मौजूद होंगे। Rudraksh Convention Center पहुंचते ही सबसे पहले प्रधानमंत्री परिसर में एक पौधा लगाएंगे।

ये हैं Rudraksh Convention Center में खासियत

  • वातानुकूलित सेंटर में एक साथ 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था, दो भागों में बांटने की भी सुविधा
  • बड़े हॉल के अलावा 150 लोगों की क्षमता वाला एक मीटिंग हॉल, एक वीआईपी कक्ष, चार ग्रीन रूम
  • दिव्यांगजनों की सुविधा की दृष्टि से पूरा परिसर फ्रेंडली
  • सेंटर के बाहरी हिस्से में एल्युमिनियम के 108 सांकेतिक रुद्राक्ष लगाए गए हैं
  • तीन एकड़ में तैयार कंवेंशन सेंटर परिसर में जापानी शैली का गार्डेन व लैंडस्केपिंग
  • बेसमेंट में 120 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था, सेंटर में सीसीटीवी कैमरे भी
  • विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली कनेक्शन के साथ-साथ सौर ऊर्जा भी
  • निर्माण 10 जुलाई 2018 को आरंभ हुआ था और मार्च 2021 में तैयार
  • शिवलिंग के आकार में दिखती है रुद्राक्ष की छत

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