ई-फॉर्मेसी के नियमों को अधिसूचित करना ज़रूरी, रोजगार पे हो सकता है असर

नई दिल्ली: इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन (IAMAI) ने सरकार से ई-फार्मेसी से जुड़े मसौदा नियमों को अंतिम रूप देने और उन्हें तत्काल अधिसूचित करने का आग्रह किया है। ई-फार्मा से जुड़ी देश की स्टार्टअप कंपनियों की ओर से IAMAI ने सरकार से यह आग्रह किया है। IAMAI ने कहा है कि नियमों में स्पष्टता के अभाव के चलते निहित स्वार्थ वाले विभिन्न संगठन अदालतों का दरवाजा खटखटा रहे हैं। इस वजह से इस सेक्टर से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े 30 हजार लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही 60 लाख ग्राहकों के स्वास्थ्य को लेकर भी जोखिम पैदा हो रहा है। ये कंपनियां कोविड-19 के इस संकट काल में 15,000 पिन कोड पर दवाओं की डिलिवरी कर रही हैं।

IAMAI की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि ई-फॉर्मेसी से जुड़े मसौदा नियमों को अधिसूचित किए जाने में देरी के चलते निहित स्वार्थ वाले कुछ वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को गलत सूचनाओं को फैलाने का मौका मिल गया है। इससे प्रतिस्पर्धा घटी है और भारत में दवा की कीमतों में उछाल देखने को मिली है। IAMAI ने कहा है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अक्टूबर 2018 में अपनी एक रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया था। अपनी रिपोर्ट में CCI ने कहा था कि ट्रेड एसोसिएशन पूरी दवा वितरण प्रणाली को इस तरह से नियंत्रित करते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा कम हो जाती है और इस वजह से देश में दवाएं महंगी हो जाती हैं। CCI ने ई-फार्मेसीज को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया था। IAMAI ने भी दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला में प्रतिस्पर्धा पैदा करने की हिमायत की है।

IAMAI ने कहा है कि ई-फार्मेसी सेक्टर चाहता है कि सरकार काफी लंबे समय से लंबित ई-फार्मेसी मसौदा नियमों को अधिसूचित करे। संगठन का कहना है कि नियमों को अधिसूचित किए जाने से देश में गुणवत्तापूर्ण दवाई की पहुंच को लेकर प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की संभावनाएं और प्रकट रूप से सामने आएंगी।

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ने कहा है कि हेल्थकेयर डिलिवरी को बेहतर और अधिक किफायती बनाने के लिए सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और एक्सेस सॉल्यूशन्स की दिशा में बहुत अधिक काम किए जाने की जरूरत है। IAMAI ने उम्मीद जाहिर की है कि लंबित ई-फार्मेसी मसौदा नियमों को जल्द-से-जल्द अधिसूचित किए जाने से ई-फॉर्मेसी सेक्टर की मुश्किलों को हल करने में मदद मिलेगी।

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