मिलिए उत्तर प्रदेश की सबसे कम उम्र की महिला प्रधान से

0

rupam-youngest-head-

बस्ती। ग्राम पंचायत चुनाव के परिणाम रविवार को घोषित किए जा चुके है। चुनाव परिणामों के बाद जीते हुए प्रत्याशियों में से एक ऐसी ग्राम प्रधान चुनकर सामने आई है जिसकी जीत अपने गांव ही नहीं सूबे के लिए गौरव की बात है। 21 साल की रूपम शर्मा ने सबसे कम उम्र में चुनाव जीतने वाली प्रत्‍याशी बन गई हैं।

बस्ती जिले के हरैया ब्लॉक के डुहवा मिश्र गांव से रूपम ने जीत हासिल की है। रूपम ने अपने प्रतिद्वंदी को 134 वोटों से हराया है। वह इस वक्त बीए प्रथम वर्ष में पढ़ रही है और मात्र 21 साल की है। वहीं डुहवा मिश्र गांव के लोगों ने ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया है। रूपम की छवि को गांव के काफी लोग पंसद करते है। यहीं वजह है कि प्रधानी के चुनाव में रूपम को गांववालों ने विजय बनाया है।

गांव के विकाश के लिए राजनीति में आई

रूपम का सपना गांव का विकास करना है। रूपम पढ़ाई के साथ-साथ गांव की बदहाली और विकास से महरूम लोगों की दशा देखकर दुखी थी। स्कूली शिक्षा उसने गांव में ही पूरी की लेकिन उसके बाद हायर एजुकेशन के लिए उसे शहर जाना पड़ा। इसी समस्या को देखकर रूपम ने फैसला किया कि अब वह खुद गांव की राजनीति में आएगी और गांव में लड़कियों के लिए स्कूल-कॉलेज खुलवाएगी जिससे उन्हें दूर न जाना पड़े।

गांव के लोगों ने किया है पसंद

रूपम को गांव के बुजुर्गों से लेकर महिला और युवाओं ने पंसद किया है और रूपम को गांव की पंचायत का अध्यक्ष चुनकर भेजा है। अब उससे यह अपेक्षा की जा रही है कि रूपम अन्य ग्राम प्रधानों की तरह सरकारी धन की बंदरबांट नहीं करेगी बल्कि युवा सोच के साथ वह गांव की सूरत को भी बदलेगी जिससे गांव में विकास होगा। रूपम की जीत से उसके पिता का सीना गर्व से फूल गया है और वे बहुत खुश हैं। रूपम की जीत पर पूरे गांव में जश्न का माहौल है।

112 वर्षीय नौराजी देवी बनी ग्राम प्रधान

यूपी के एक गांव में 112 वर्षीय नौराजी देवी ग्राम प्रधान चुनी गई हैं। उन्होंने खुद को विजयी होने के लिए गांव के लोगों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि हमें गांव का विकास करना है। खास तौर से महिलाओं को और सशक्त बनाना है। चुनाव जीतने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।

loading...
शेयर करें