रूस ने भारत का फिर किया समर्थन, पाकिस्तान की हरकत पर जताई आपत्ति

डेप्युटी चीफ ऑफ मिशन ने कहा कि संघाई सहयोग संघटन में द्विपक्षीय मुद्दों को लाना गलत है। यह एससीओ के चार्टर में दिये गए नियमों के खिलाफ है। हमें बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है इसलिए हमें ऐसी चीजों से बचना चाहिए।

मास्को: भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर रूस ने एक बार फिर से भारत का समर्थन किया है। रूस के डेप्युटी चीफ ऑफ मिशन रोमन बाबूकिश्न ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एससीओ की बैठक में दो देश के मसलों पर बात करना एससीओ के मूल सिद्धांतो के अनुरूप नही है।

द्विपक्षीय मुद्दों को उठाना एससीओ चार्टर नियम के विरूद्ध

डेप्युटी चीफ ऑफ मिशन ने कहा कि संघाई सहयोग संघटन में द्विपक्षीय मुद्दों को लाना गलत है। यह एससीओ के चार्टर में दिये गए नियमों के खिलाफ है। हमें बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है इसलिए हमें ऐसी चीजों से बचना चाहिए। हमने सभी देशों को यह स्पष्ट कर दिया है।

रूस के रोमन बाबूकिश्न से मीडिया ने यह सवाल पूछा था कि पाकिस्तान ने शंघाई संगठन के सामने यह मुद्दा उठाया था, एसीसओ के अध्यक्ष होने के नाते क्या उन्होनें पाकिस्तान से बात की थी। भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर रूस ने जवाब दिया कि उस मामले में हमारा रूख बिल्कुल साफ है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान की हरकत पर जताई थी आपत्ति

दरअसल मंगलवार को एससीओ की वर्चुअल समिट में नरेन्द्र मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा था कि द्विपक्षीय मुद्दों को गैर-जरूरी तरीके से शंघाई संगठन में उठाना संगठन के मूल सिंद्धांत के खिलाफ है। एससीओ की बैठक में कश्मीर जैसे मुद्दे नहीं उठाये जा सकते हैं।

भारत का इशारा सीधे तौर पर पाकिस्तान की तरफ था। पाकिस्तान ने अभी कुछ समय पहले ही कश्मीर मुद्दे को एससीओ की बैठक में उठाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आगे ऐसी कोई भी चीज नही होगी। रूस ने भारत की इस बात का समर्थन किया है।

पाकिस्तान ने नक्शे में कश्मीर को अपना हिस्सा दिखाया था

गौरतलब है कि सितंबर महीने में हुए एससीओ की बैठक में पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने जानबूझकर कश्मीर का गलत नक्शा दिखाया था। जिसमें कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था। इस नक्शे पर नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बैठक को बीच में ही छोड़ दिया था।

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