रूसी सेना दो हफ़्तों के लिए पहुंची है पाकिस्तान, दोनों देश करेंगे संयुक्त सैन्य-अभ्यास

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इस सैन्य-अभ्यास में स्काई डाइविंग और बंधकों को छुड़ाने जैसी कई गतिविधियां होंगी। पाकिस्तान और रूस की सेना वर्ष 2016 से ही संयुक्त अभ्यास करती आई हैं।

इस्लामाबाद: गुरूवार को पाकिस्तान पहुंची रूस की सेना का एक दस्ता दो हफ्तों तक सैन्य-अभ्यास के लिए पाकिस्तान में रूकेगा। रूस ने दोनों देशों के बीच हो रहे सैन्य-अभ्यास को द्रजबा(DRUHZBA-5) नाम दिया है। पाकिस्तान में हो रहे इस सैन्य-अभ्यास की जानकारी पाकिस्तान ने ट्वीट कर के दी।

आतंकवाद से निपटना संयुक्त अभ्यास का मक्सद

पाकिस्तान ने ट्वीट कर जानकारी दी कि दोनों देश अपना पांचवा संयुक्त सैन्य-अभ्यास करने जा रहे हैं जो कि दो हफ्तों तक चलेगा। अपने बयान में पाकिस्तान ने कहा कि पाकिस्तान और रूस का साथ में सैन्य-अभ्यास करने का मक्सद आतंकवाद से निपटने के लिए दोनों देशों के द्वारा किये गए प्रयासों और अनुभवों को दोनों देश की सेनाओं से साझा करना है।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इस सैन्य-अभ्यास में स्काई डाइविंग और बंधकों को छुड़ाने जैसी कई गतिविधियां होंगी। पाकिस्तान और रूस की सेना वर्ष 2016 से ही संयुक्त अभ्यास करती आई हैं।

दज्रबा संयुक्त सैन्य-अभ्यास हर वर्ष आयोजित किया जाता है। इस सैन्याभ्यास में विशेष सैन्य ऑपरेशन के साथ साथ आतंकवाद विरोधी गतिविधियां भी शामिल होती हैं।

भारत हमेशा से करता रहा है विरोध

भारत ने हमेशा से रूस के पाकिस्तान के साथ किये जा रहे सैन्य-अभ्यास का विरोध किया है। भारत के हिसाब से जो देश खुद आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा हो उसके साथ कोई भी सैन्य-अभ्यास नहीं होना चाहिए। इस तरह से सैन्य-अभ्यास करना गलत है और इस तरह की गतिविधियों से आतंकवाद को और बढ़ावा मिलेगा।

भारत ने इस बात पर रूस से कई बार चर्चा की है और कहा कि आतंकवाद को सरंक्षण देने वाले देश के साथ कोई भी साझेदारी नहीं होनी चाहिए। परन्तु रूस भारत के इस बात को अनसुना करता आया है।

रूस-पाकिस्तान कई और सैन्य-अभ्यास कर रहे साथ

पाकिस्तान ने इसी साल के सितंबर महीने में रूस के असतराखान शहर में ‘कावकाज 2020’ सैन्य अभ्यास में भी हिस्सा लिया था। पिछले साल भी पाकिस्तान ने रूस के साथ ‘सेंतर 2019’ नामक संयुक्त सैन्याभ्यास किया था। इस सैन्याभ्यास में किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उजबेकिस्तान और कजाकिस्तान भी शामिल हुए थे।

रूस का पाकिस्तान के साथ अभ्यास भारत के लिए चिन्ता का विषय

शीतयुद्ध के समय पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ अभ्यास किया जो कि रूस का विरोधी है। पाकिस्तान और रूस की बढ़ती नजदीकियां भारत के लिए चिन्ता का विषय है। रूस तालिबान के साथ भी नजदीकियां बढ़ा रहा है जो कि पाकिस्तान देश के काफी नजदीक माना जाता है। हालांकि रूस खुद भी तालिबान के खिलाफ नॉर्रेन एलायंस का समर्थन करता रहा है।

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