S. Jaishankar: एयरपोर्ट संचालन फिर से शुरू करना चुनौती

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से लगातार इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि वहां फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी कैसे होगी

नई दिल्ली:  Afghanistan पर Taliban के कब्जे के बाद से लगातार इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि वहां फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी कैसे होगी,  इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को बयान जारी करते हुए कहा है कि ‘‘काबुल की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है,  मैं भारत लौटने के इच्छुक लोगों की चिंता को समझता हूं, एयरपोर्ट का फिर से संचालन शुरू करना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है इस बारे में हम अपने सभी पार्टनर्स से चर्चा कर रहे हैं।

उन्होंने काबुल में एयरपोर्ट संचालन को फिर से शुरू करने की बात पर जोर देते हुए कहा है कि इस दिशा में अमेरिका द्वारा किए जा रहे प्रयासों की हम सराहना करते है, उन्होंने आगे कहा कि हम काबुल में सिख और हिंदू समुदाय के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। उनकी देख भाल व सुरक्षित निकाले जाने को लेकर हमारा प्रयास जारी है’’।

 

Arindam Bagchi
Arindam Bagchi

विदेश मंत्रालय ने जारी किया  हेल्पलाइन नंबर

हेल्पलाइन नंबर +919717785379 या ईमेल आइडी [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।

जानें क्या कहा अरिंदम बागची ने

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ‘अरिंदम बागची’ ने सेल के गठन की घोषणा सोमवार देर रात की,  उन्होंने कहा है कि युद्ध से जर्जर देश से वापस लौटने के इच्छुक हिन्दुओं और सिखों की सरकार मदद करेगी।  बागची ने ट्वीट किया, विदेश मंत्रालय ने स्वदेश वापसी और Afghanistan से अन्य अनुरोध के समन्वय के लिए विशेष  प्रकोष्ठ गठित किया है।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वहाँ  के रहने वाले हिंदू और सिखों को वापस लाने को लेकर प्रतिक्रिया दी थी, उन्होंने कहा था कि विदेश मंत्रालय और अन्य विभाग सभी जरूरी प्रबंध करेगा। वहाँ पर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी रहते हैं, कई लोगों को देश वापस लाया जा चुका है। सरकार इन नागरिकों को वापस देश में लाने के लिए स्पेशल विमान भेजा है। सोमवार को एयरफोर्स के विमान सी-17 ग्लोब मास्टर ने भारत से काबुल के लिए उड़ान भरी, विमान के जरिए कई लोगों को वापस देश लाया गया है।

 

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