सात साल के बैन के बाद रणजी टीम में हुई एस. श्रीसंत की वापसी

नई दिल्ली. भारत के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत अगामी रणजी सीजन में केरल की ओर से खेलते दिख सकते हैं. खबरों के मुताबिक केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने इस बात का फैसला किया है कि अगर श्रीसंत अपनी फिटनेस साबित करते हैं तो रणजी टीम के लिए चुना जा सकता है. श्रीसंत साल  में आईपीएल में हुई फिक्सिंग के बाद लगे बैन के कारण सात साल से क्रिकेट के मैदान से दूर हैं.

2013 के फिक्सिंग कांड के बाद से बैन झेल रहे थे श्रीसंत
मई 2013 में दिल्ली पुलिस ने मैच फिक्सिंग के आरोप में श्रीसंत और उनके दो राजस्थान रॉयल्स टीम के साथी अजीत चांडिला और अंकित छवन को गिरफ्तार किया था. बीसीसीआई ने इसके बाद तीनों खिलाड़ियों पर बैन लगा दिया था. हालांकि श्रीसंत की कोशिशों के बाद साल 2015 में विशेष अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया था. इसके बाद साल 2018 में केरल हाई कोर्ट ने उनपर लगे अजीवन प्रतिबंध को खत्म कर दिया. अब जब उनका साल साल का बैन खत्म होने को आया है केरल रणजी टीम ने कोच टीनू जॉन से बात करके श्रीसंत को टीम में शामिल करने का फैसला किया है.


रणजी कैंप का हिस्सा होंगे श्रीसंत

हालांकि अभी रणजी ट्रॉफी के आय़ोजन को लेकर बीसीसीआई ने कोई फैसला नहीं किया है लेकिन श्रीसंत सितंबर में शुरू होने वाली टीम के कैंप का हिस्सा होंगे. केरल के अहम गेंदबाज संदीप वॉरियर अगले सीजन में तमिलनाडु के लिए खेलने वाले हैं जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि श्रीसंत को टीम में मौका दिया जा सकता है. एशियननेट न्यूज के मुताबिक श्रीसंत ने कहा कि, ‘मैं वास्तव में अपने आप को मौका देने के लिए केसीए का आभारी हूं. मैं अपनी फिटनेस और तूफान को खेल में वापस साबित करूंगा. यह सभी विवादों को शांत करने का समय है’.

बैन के दौरान राजनीति से जुड़ गए थे श्रीसंत

कोच्चि के रहने वाले श्रीसंत ने बैन लगने से पहले 27 टेस्ट में 87 विकेट और एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 75 विकेट लिए थे. वह साल 2007 की टी20 वर्ल्ड चैंपियन टीम और 2011 में विश्व कप क्रिकेट विजेता टीम के सदस्य भी थे. बैन के दौरान उन्होंने एक्टिंग और राजनीति दोनों में हाथ में आजमाया था. पिछले विधानसभा चुनाव में वह तिरुवनंतपुरम केंद्रीय निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार थे और कांग्रेस उम्मीदवार वी एस शिवकुमार से हार गए थे.

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