सचिन पायलट की राजस्थान विधानसभा में बदली सीट

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में चल रही सियासी उठा पटक ख़तम हो चुकी है .शुक्रवार को गहलोत सरकार को सदन में बहुमत मिल गया है और सदन को 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया. पर मजेदार बात ये रही की सचिन पायलट आज सदन में सबसे पीछे निर्दलीय विधायकों के साथ बैठे हुए थे.

सचिन पायलट की उपमुख्यमंत्री की कुर्सी छिनी

दरसल इसके पहले सचिन पायलट राजस्थान के उपमुख्यमंत्री हुआ करते थे.तब सदन में इनकी सीट आगे होती थी. पर आज जब सचिन पायलट सदन पहुंचे तो उनकी सीट सबसे पीछे लगी हुई थी.शुक्रवार को उन्हें उपमुख्यमंत्री की बजाय एक आम विधायक की जगह मिली सदन में. यहाँ एक मुहावरा बड़ा सटीक बैठता है “चौबे जी गए छब्बे बनने दूबे बन के लौटे”. खैर सचिन ने अपना दुःख जाहिर नहीं होने दिया. बड़ी बड़ी बातों के जरिये अपनी सीट और साख बचाए रखने की कोशिस की.

सचिन ने दी सफाई

सचिन ने सदन में अपने सम्बोधन में कहा की ‘ जब मैं आज सदन में आया तो एक बार को लगा की अध्यक्ष महोदय ने मेरी सीट सबसे पीछे क्यूं लगवा दी. पर बाद में सब समझ आ गया. दरसल मुझे बार्डर पे इस लिए बैठाया गया है क्यूँकी बार्डर पर सबसे मजबूत सिपाही को ही भेजा जाता है .

ख़त्म हुआ सियासी ड्रामा

वहीं राजस्थान विधानसभा में चल रहा हाईप्रोफाइल ड्रामा अब ख़त्म हो चूका है.सचिन पायलट के बगावती तेवर के बाद से ही राजस्थान विधानसभा में लगातार परिस्थितियां असमान्य बनी हुई थी. एकबार तो लगा की गहलोत सरकार का भी हाल मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार जैसा ही होगा. पर राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत और कांग्रेस ने इस बार कोई गलती नही की.पूरी सूझ बूझ से मामले को हल किया.और आखिर सचिन पायलट और समर्थक विधायकों के समर्थन के साथ सदन में विश्वास मत हासिल किया.

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