सचिन तेंदुलकर बोले- 1983 का वर्ल्ड कप फाइनल मेरी जिंदगी में एक ऐतिहासिक इवेंट था

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1983 विश्व कप जीत के बारे में याद करते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने गुरुवार को कहा कि यह ‘मेरे जीवन में एक ऐतिहासिक घटना’ थी। गुरुवार 25 जून 2020 को भारत और कपिल देव एंड कंपनी ने वर्ल्ड कप 1983 की जीत की 37वीं वर्षगांठ मनाई। गुरुवार को ज्यादातर भारतीय क्रिकेटरों ने अपने-अपने अंदाज में वर्ल्ड कप 1983 की जीत को याद किया, जिसमें पूर्व क्रिकेटर भी शामिल थे।

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने ट्विटर अकाउंट पर वर्ल्ड कप 1983 को लेकर ट्वीट किया और लिखा है, “कई लोगों के लिए वर्ल्ड कप 1983 का फाइनल कुछ और रहा हो, लेकिन मेरे जीवन में यह एक ऐतिहासिक घटना थी। फिर भी मैं अपने दोस्तों को याद करता हूं और बीएस संधू की एपिक डिलीवरी से लेकर कपिल पाजी की कैच तक सभी विकेट का जश्न मनाता हूं। हम कूद गए और प्रत्येक विकेट के पतन का जश्न मनाया! वो क्या शाम थी।”

बता दें कि भारतीय टीम ने 25 जून 1983 को लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और भारत ने दो बार की विश्व चैंपियन टीम वेस्टइंडीज को 43 रन से हराया था। भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए थे, जिसके जवाब में भारतीय टीम ने कैरेबियाई टीम को 140 रन पर ढेर कर दिया था और अपना पहला विश्व कप का खिताब जीता था। भारत ने दूसरा खिताब 28 साल के बाद साल 2011 में एमएस धौनी की कप्तानी में श्रीलंका को हराकर जीता था।

विश्व कप का खिताब जीतने के बाद टीम के कप्तान कपिल देव ने लॉर्ड्स की बालकनी में जो ट्रॉफी उठाई थी, वो तस्वीर आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जहन में जिंदा है। फाइनल मैच में मोहिंदर अमरनाथ प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे, जिन्होंने पहले 26 रन की दमदार पारी खेली और फिर तीन विकेट लेकर वेस्टइंडीज की कमर तोड़ दी थी। भारत ने इससे पहले 1975 और 1979 का भी वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन सेमीफाइनल तक का सफर भी तय नहीं किया था।

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