सचिन तेंदुलकर के हमशक्ल को गंवानी पड़ी नौकरी, घर लौटने के बाद पाए गए कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली: कोविड 19 महामारी की वजह से एक तरफ जहां लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी तो वहीं कई लोगों को इससे आए वित्तीय संकट की वजह से अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा है। इस महामारी के काल में लाखों लागों की नौकरी गई तो वहीं कईयों को पे कट्स का भी सामना करना पड़ा। इस महामारी की वजह से सचिन तेंदुलकर की तरह दिखने वाले बलवीर चंद भी प्रभावित हुए हैं।

बलवीर चंद को महान क्रिकेट सचिन तेंदुलकर की कॉर्बन कॉपी के रूप में तब प्रसिद्धि मिली जब साल 1999 में दिल्ली में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए टेस्ट मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने उन्हें कमेंट्री बॉक्स में आमंत्रित किया था। इसके बाद गावस्कर ने उनकी मुलाकात सचिन तेंदुलकर के कराई थी और मास्टर-ब्लास्टर ने उन्हें अपना ऑटोग्राफ देते हुए बलवीर चंद के साथ कुछ तस्वीरें भी खिंचवाई थी। ये वही मैच था जिसमें अनिल कुंबले ने एक पारी में दस विकेट लेकर इतिहास रचा था।

इसके बाद बलवीर चंद सचिन के फैंस के बीच फेमस हो गए और इसके बाद उन्हें कई विज्ञापनों में तेंदुलकर के डबल के रूप में काम करने का मौका मिला। वो मुंबई में फास्ट-फूड चेन में ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर काम कर रहे थे, लेकिन 50 साल के बलवीर को कोविड 19 की वजह से हुई लॉकडाउन की वजह से अपनी नौकरी गंवानी पड़ी और वो अपने पूरे परिवार के साथ अपने घर लौट आए क्योंकि वो मुंबई में किराया देने में सक्षम नहीं हो पा रहे थे।

बलवीर चंद ने हिन्दुस्तान टाइम्स के बात करते हुए कहा कि वो जहां काम कर रहे थे वहां लॉकडाउन के बाद बिजनेस में काफी नुकसान हुआ कई स्टाफ को नौकरी गंवानी पड़ी। मुझे भी नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया, हालांकि मुझे कहा गया कि अगर सबकुछ सामान्य हो गया तो वो मुझे फिर से वापस रख लेंगे। वहीं बलवीर अपने परिवार के साथ पंजाब में अपने गांव में लौट आए, लेकिन वो और उनका पूरा परिवार कोरोना पॉजिटिव पाया गया। वो ट्रेन से अपने गांव वापस आए थे और हर जरूरी सावधानी भी बरती थी, लेकिन बलवीर को महसूस हुआ कि ट्रेन के सभी यात्री उतनी ही सावधानी बरत रहे थे जितना की वो।

उन्होंने कहा कि हमने हर सावधानियां बरती। हमारे साथ 15 बॉटल सैनिटाइजर और N95 मास्क था और खाना भी अपना था, लेकिन कई यात्री ऐसे थे जो बहुत ही ज्यादा केयरलेस थे। मैं अपने अनुभव के साथ कह सकता हूं कि इस वक्त यात्रा करना कहीं से भी सुरक्षित नहीं है।

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