दु:खद खबर: रामलला के लाल कल्याण सिंह का निधन, पीजीआई में ली अंतिम सांस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल माननीय श्री कल्याण सिंह जी (89) का एक लंबी बीमारी के बाद आज शनिवार रात्रि करीब सवा 9 बजे पीजीआई अस्पताल में सेप्सिस और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण निधन हो गया। उन्हें 4 जुलाई को संजय गांधी पी जी आई के Critical Care medicine के आईसीयू में गंभीर अवस्था में भर्ती किया था। इससे पहले जून के महीने में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीजीआई में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी देखभाल में जुटी थी लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें पिछले दिनों वेंटीलेटर पर शिफ्ट किया गया था लेकिन वहां से उनकी वापसी नहीं हो पाई।

पीजीआई अस्पताल में निधन

लंबी बीमारी और शरीर के कई अंगों के धीरे-धीरे फेल होने के कारण आज उन्होंने 89 वर्ष की उम्र में पीजीआई अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर लगते ही तत्काल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अस्पताल पहुंचे।कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर को संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से उनके आवास पर ले जाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक का एलान किया है।

देशवासियों के लिए दु:खद समाचार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद समाचार पर कहा, आज हम सभी देशवासियों के लिए दु:खद समाचार है कि श्री रामजन्मभूमि आंदोलन के विशिष्ट योद्धा श्री कल्याण सिंह जी हमारे बीच नहीं रहे, एक बड़े राजनैतिक युग का समापन हो गया है। विगत दो माह से वो अस्वस्थ थे, उपचार चल रहा था, आज शनिवार रात करीब सवा 9 बजे उन्होंने राजधानी लखनऊ के पीजीआई में अंतिम सांस ली।

सीएम ने किया याद उनकी बातें

सीएम ने कहा, उन्होंने शासन में अपने कार्यकाल के दौरान जो निर्णय लिए वो आज भी मानक बने हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के आंदोलन के लिए यदि सत्ता छोड़नी पड़ी तो उन्होंने तत्काल पद से इस्तीफा दिया था। कल्याण सिंह जी का जाना ना सिर्फ समाज के लिए बल्कि भारतीय जनता पार्टी के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।

3 दिन तक राजकीय शोक

सीएम योगी ने कहा, रविवार सुबह हमारी कैबिनेट की बैठक 11:30 पर होगी, शोक प्रस्ताव पारित होगा,और प्रदेश में अगले 3 दिन तक राजकीय शोक होगा।उनका अंतिम संस्कार गंगा घाट पर होगा, कल रविवार को उनके पार्थिव शरीर को अलीगढ़ ले जाया जाएगा। परसो उनके कर्मभूमि अतरौली में जनता दर्शन हेतु रखा जाएगा।

इसके बाद नरौरा गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। हर व्यक्ति हर पार्टी कार्यकर्ता को संबल प्राप्त हो… उन्होंने जो सपना देखा था… हम उसे पूरा करेंगे।।

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