अब राम रहीम के विरोध में आया ये समाज, कर डाली फांसी की मांग

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लखनऊ। रेप के मामले में दोषी दोषी ठहराए गए गुरमीत राम रहीम सिंह को आज सजा सुनाई जायेगी। फैसले से पहले अब राम रहीम के विरोध में काशी के संत मैदान में उतरें हैं। उन्होंने कहा कि राम रहीम जैसे बाबाओं ने पूरे संत समाज को कटघरे में ला कर रख दिया है। उन्होंने कोर्ट से मांग कि है कि राम रहीम जैसे दरिंदे को फंसी की सज़ा दी जानी चाहिए।

गौरतलब है कि राम रहीम के दोषी ठहराए जाने के आज वाराणसी में संतों ने एक सभा बुलाई थी, जिसमे बलात्कारी बाबा को फांसी देने की मांग की। वहीं हाथों में संतों ने राम रहीम का पोस्टर लेकर आरोपी बाबा का विरोध किया।

आपको बता दें कि बाबा राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद राम रहीम के गुंडों ने देश के कई हिस्सों में तांडव मचाया था। जिसे देखते हुए सरकार ने आज सुरक्षा के पुख्ता बन्दों बसत किये हैं। यूपी के कई जिले हाई अलर्ट पर हैं। गाजियाबाद, हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और नोएडा में धारा 144 लगा दी गई है।

स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। सेना की कई टुकडियां लगा दीं गईं हैं। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने 25 अगस्त को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 2002 में अपनी दो साध्वियों से दुष्कर्म का दोषी करार दिया था। राम रहीम के हरियाणा व पंजाब में लाखों समर्थक हैं। बाद में राम रहीम को रोहतक शहर के पास एक जेल में स्थानांतरित किया गया।

राम रहीम के गुंडों की हिंसा में 32 लोगों की मौत हुई है। इतना सब होते रहा और पुलिस मूक दर्शक बनी रही। सवाल ये उठता है कि धारा 144 लगने के बाद पंचकूला में इतने लोग इकट्ठा कैसे हो गए और इतनी बड़ी ही हिंसा को अंजाम कैसे दिया। फैसले से भड़के बाबा के समर्थकों ने 100 से ज्यादा गाड़ियां फूंक डाली। हर तरह आगजनी, पथराव करते नजर आये बलात्कारी बाबा के गुंडे।

बाबा को हिरासत में लिए जाने के बाद हरियाणा और पंजाब के कई शहरों में हिंसा भड़क गई थी। डेरा समर्थकों द्वारा हरियाणा के पंचकूला, पंजाब के मालौट और मंसा शहरों में दो रेलवे स्टेशनों को जलाने की कोशिश की गई। वहीं सैकड़ों वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और उनमें आग लगा दी।

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