साध्वी प्रज्ञा ने फिर वापसी की, एक नए विवादित बयान के साथ

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर जो कि मालेगांव धमाके मामले में अभियुक्त और अब लोकसभा चुनाव में भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की कैंडिडेट बन चुकी है, उन्होंने बाबरी मस्जिद को लेकर विवादित बयान दिया है. एक टीवी चैनल के रिपोर्टर से बात करते हुए साध्वी ने यहां तक कह दिया कि ”ढांचा (बाबरी मस्जिद) गिराकर उन्होंने देश का कलंक मिटाया था.”


बाबरी मस्जिद को लेकर विवादित बयान देने के कुछ ही देर बाद चुनाव आयोग ने उन्हें दूसरी नोटिस भी भेज दी. इससे पहले शहीद हेमंत करकरे की शहादत पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर भी चुनाव आयोग ने साध्वी को नोटिस भेजा था.
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से जब पत्रकार ने राम मंदिर को लेकर सवाल किया कि तो उन्होंने कहा- ”हम बनाएंगे. हम तोड़ने गए थे ढांचा. ढांचे पर चढ़कर तोड़ा था मैंने. भयंकर गर्व है मुझे. मानती हूं ईश्वर ने मुझे अवसर दिया था, शक्ति दी थी और मैंने वो कार्य किया. देश का कलंक मिटाया था.”


साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के सामने चुनाव लड़ रही हैं. साध्वी प्रज्ञा पर आतंक के गंभीर इल्जाम लग चुके हैं, जिसके लिए उन्हें जेल में लंबी सजा काटनी पड़ी है.


साध्वी प्रज्ञा ने हाल ही में 2008 के मुंबई हमले में शहीद हुए तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने करकरे की शहादत पर सवाल उठाते हुए उन्हें श्राप देने तक की बात कही थी. हालांकि, आलोचना के बाद साध्वी प्रज्ञा ने हेमंत करकरे से जुड़े बयान पर माफी भी मांगी थी.
29 सितम्बर, 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाकों के मामले में प्रज्ञा आरोपी हैं और तकरीबन 9 साल जेल में रही हैं. इस बहुचर्चित मामले में वह इन दिनों जमानत पर हैं.
मालेगांव बम धमाकों के मामले में पहले महाराष्ट्र एटीएस ने जांच की थी. बाद में जांच नेशनल इन्विस्टिगेशन एजेंसी को सौंप दी गई. नेशनल इन्विस्टिगेशन एजेंसी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ तमाम आरोपों को हटा लिया, लेकिन कोर्ट ने एजेंसी के दावे को मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सहित 6 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए

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